शिमला के जाखू मंदिर में उमड़ा आस्था का सैलाब, हनुमान जयंती पर आखिर क्यों 4 बजे ही खुल गए कपाट?

Himachal News: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में गुरुवार को हनुमान जयंती का पावन पर्व पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। शहर के प्रसिद्ध जाखू और संकटमोचन मंदिर में सुबह से ही भक्तों का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। मंदिरों में दिनभर भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का दौर चला। श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ बजरंगबली के दर्शन किए। राजधानी का पूरा माहौल राम भक्त हनुमान की भक्ति में डूबा नजर आया।

जाखू मंदिर में सुबह 4 बजे ही खुल गए कपाट

हनुमान जयंती के मौके पर जाखू मंदिर में भक्तों की भारी भीड़ देखने को मिली। लोगों की अपार श्रद्धा को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने सुबह चार बजे ही कपाट खोल दिए। इससे श्रद्धालुओं को दर्शन करने में कोई परेशानी नहीं हुई। मंदिर में पूरे दिन हनुमान चालीसा, सुंदरकांड और अखंड रामायण का पाठ चलता रहा। परंपरा को निभाते हुए बजरंगबली को खास तौर पर डेढ़ क्विंटल आटे का रोट अर्पित किया गया।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने मांगी प्रदेश की सुख-समृद्धि

इस खास मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू भी जाखू मंदिर पहुंचे। उन्होंने पूरे विधि-विधान से बजरंगबली की पूजा-अर्चना की। मुख्यमंत्री ने भगवान से हिमाचल प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि के लिए प्रार्थना की। प्रशासन ने मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बहुत शानदार इंतजाम किए थे। इन व्यवस्थाओं के कारण पूरी दर्शन प्रक्रिया बहुत ही सुचारु और शांतिपूर्ण तरीके से चलती रही।

संकटमोचन मंदिर में लगा भक्तों का तांता

शिमला के संकटमोचन मंदिर में भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु माथा टेकने पहुंचे। यहां भी पूरे दिन भक्ति और उल्लास का अद्भुत माहौल बना रहा। मंदिर परिसर में सुंदरकांड का पाठ किया गया। इसके साथ ही एक विशाल भंडारे का भी आयोजन हुआ। हजारों लोगों ने इस भंडारे में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। शहर के अन्य हनुमान मंदिरों में भी दिनभर धार्मिक अनुष्ठान चलते रहे और लोगों ने परिवार की खुशहाली की कामना की।

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