Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक डरावनी तस्वीर सामने आई है। राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देवभूमि में महिलाओं के लापता होने के मामले तेजी से बढ़े हैं। बीते एक साल में राज्य से कुल 2,489 महिलाएं गायब हुई हैं। पुलिस प्रशासन के लिए यह अब एक बड़ी चुनौती बन गई है। हैरानी की बात यह है कि लापता लोगों की रिकवरी दर राष्ट्रीय औसत से भी नीचे गिर गई है।
वर्ष 2024 के सरकारी आंकड़ों के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में कुल 4,208 लोग लापता दर्ज किए गए। इनमें से पुलिस अब तक केवल 2,177 लोगों का ही सुराग लगा पाई है। फिलहाल 2,031 लोग अभी भी लापता हैं, जिनका कोई पता नहीं चल सका है। राज्य की कुल रिकवरी दर मात्र 51.7 प्रतिशत रही है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत 54.7 प्रतिशत के मुकाबले काफी चिंताजनक है। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया और ऑनलाइन धोखाधड़ी इसके मुख्य कारण हैं।
बच्चों की सुरक्षा में हिमाचल ने गाड़े झंडे
महिलाओं के मामलों में भले ही चिंता हो, लेकिन बच्चों की बरामदगी में हिमाचल ने बेहतरीन काम किया है। वर्ष 2024 में प्रदेश से कुल 482 बच्चे लापता हुए, जिनमें 382 लड़कियां शामिल थीं। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए इनमें से 394 बच्चों को सुरक्षित ढूंढ निकाला। बच्चों की रिकवरी दर 81.7 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़ा राष्ट्रीय औसत 67.8 प्रतिशत से बहुत ज्यादा है। खासकर लड़कियों की रिकवरी दर 86.4 प्रतिशत तक पहुंचना एक बड़ी उपलब्धि है।
NCRB की रिपोर्ट के अनुसार हिमाचल प्रदेश में लापता महिलाओं के आंकड़ों पर एक नज़र:
- कुल लापता व्यक्ति: 4,208
- लापता महिलाएं: 2,489
- अभी भी लापता लोग: 2,031
- कुल रिकवरी दर: 51.7%
- लापता बच्चे: 482 (394 बरामद)
- बच्चों की रिकवरी दर: 81.7%
हिमाचल में पर्यटन के कारण बाहरी राज्यों से लाखों लोगों की आवाजाही रहती है। इससे लापता लोगों की निगरानी और साइबर ट्रैकिंग का काम काफी जटिल हो जाता है। घरेलू विवाद और रोजगार के लिए पलायन भी गुमशुदगी के बड़े कारणों में शामिल हैं। पुलिस अब जिला स्तर पर बेहतर समन्वय और डिजिटल मॉनिटरिंग को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है। समाज में परिवारों के बीच कम होता संवाद भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए खतरा बन रहा है।
देशभर की बात करें तो महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल में गुमशुदगी के सबसे अधिक मामले सामने आए हैं। भारत में कुल 8.59 लाख लोग लापता हुए, जबकि लापता बच्चों का आंकड़ा 1.34 लाख से ऊपर है। इन बड़े राज्यों की तुलना में हिमाचल बच्चों की बरामदगी में बहुत आगे है। हालांकि, वयस्क महिलाओं को ढूंढने की धीमी रफ्तार प्रशासन की नींद उड़ाए हुए है। अब सरकार को महिला सुरक्षा तंत्र को और अधिक पुख्ता बनाने की जरूरत है।

