Himachal News: हिमाचल प्रदेश में सरकारी विकास कार्यों को लटकाने वाले ठेकेदारों की अब खैर नहीं है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा में सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने साफ कहा है कि समय पर काम पूरा नहीं करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। जिन प्रोजेक्ट का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है, सरकार उनके टेंडर रद्द करने पर विचार कर रही है। अब नए नियमों के तहत एक ठेकेदार को केवल एक या दो काम ही दिए जाएंगे।
बाहरी ठेकेदारों की मनमानी से लटक रहे प्रोजेक्ट
मुख्यमंत्री ने कहा कि बाहरी राज्यों के ठेकेदार यहां टेंडर ले लेते हैं। लेकिन वे हिमाचल के कठिन भौगोलिक हालात को समझ नहीं पाते हैं। इस वजह से कई जरूरी विकास कार्य बीच में ही लटक जाते हैं। विधानसभा में देहरा की विधायक कमलेश ठाकुर और ज्वालामुखी के विधायक संजय रतन ने यह अहम मुद्दा उठाया। उन्होंने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण के निर्माण कार्यों में हो रही भारी देरी पर सवाल खड़े किए।
पिता-पुत्र के विवाद में पिस रही प्रदेश की आम जनता
विधायकों ने बताया कि देहरा और ज्वालामुखी में मैसर्स गर्ग संस बालाजी कंपनी को काम मिला है। इस कंपनी के काम करने का तरीका बेहद खराब है। विधायक कमलेश ठाकुर ने बताया कि इस फर्म में पिता और पुत्र के बीच विवाद चल रहा है। इस आपसी झगड़े की वजह से सड़कों का काम ठप है। पूरे इलाके में उड़ती धूल और मिट्टी से लोग बीमार हो रहे हैं। कंपनी एक दिन देहरा में काम करती है और अगले दिन शाहपुर चली जाती है।
अधिकारियों को धमकाने का आरोप, मंत्री ने दिए जांच के आदेश
विधायक संजय रतन ने सदन में बताया कि यह ठेकेदार उत्तराखंड में भी ब्लैकलिस्ट हो चुका है। सर्दियों के सत्र में भी सरकार ने इसकी जांच का भरोसा दिया था। आरोप है कि यह ठेकेदार निचले स्तर के अधिकारियों को डराता है और सीधे उच्च अधिकारियों से संपर्क करता है। मामले की गंभीरता को देखते हुए लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने तुरंत सड़क निर्माण में हो रही देरी की जांच के आदेश दे दिए हैं।
कमेटी करेगी जांच, फर्म पर पहले लग चुका है 3.22 करोड़ का जुर्माना
मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि प्रधान सचिव लोक निर्माण विभाग इस मामले में एक कमेटी बनाएंगे। इस कमेटी में ईएनसी और चीफ इंजीनियर कांगड़ा भी शामिल होंगे। जांच रिपोर्ट आने के बाद सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने बताया कि इस फर्म पर पहले भी 3.22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया जा चुका है। प्रदेश में 31 जुलाई तक तीन हजार किलोमीटर सड़कों का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। केंद्र सरकार ने इस काम के लिए दो साल का समय बढ़ाया है।


