Himachal Pradesh: शिमला जिले के रामपुर क्षेत्र में एक निजी टेलीकॉम कंपनी के करीब 70 लोहे के पोल चोरी होने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने इस बड़ी चोरी की गुत्थी सुलझाते हुए दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। करीब 9 लाख रुपये की कीमत वाले इन पोलों को आरोपियों ने शातिराना ढंग से ठिकाने लगाया था। फिलहाल पुलिस पूछताछ के जरिए चोरी किए गए सामान की बरामदगी और इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है।
पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों की पहचान कुल्लू जिले के आनी निवासी विक्की (35) और मंडी के करसोग निवासी सुरेश कुमार (30) के रूप में हुई है। विक्की उस बोलेरो कैम्पर गाड़ी का मालिक है, जिसका इस्तेमाल चोरी के पोल ढोने के लिए किया गया था। शुरुआती पूछताछ में दोनों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। रामपुर पुलिस अब इस बात की कड़ाई से जांच कर रही है कि चोरी के बाद इन पोलों को किस कबाड़ कारोबारी या खरीदार को बेचा गया था।
9 लाख रुपये के पोल और सीसीटीवी का जाल
यह मामला 12 मई को तब दर्ज हुआ जब ऐरियल टेलीकॉम सॉल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड के स्टेट मैनेजर बाबू सिंह देशवाल ने शिकायत दी। उन्होंने बताया कि तकलेच से रोहड़ू मार्ग पर चौका नाला के पास से कंपनी के 70 एच-पोल गायब हो गए हैं। इन पोलों पर अभी संचार के लिए तार नहीं बिछाए गए थे। पुलिस ने तुरंत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज किया और इलाके की गहन छानबीन शुरू कर दी।
जांच के दौरान पुलिस ने नेशनल हाईवे और लिंक रोड पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में 5 और 6 मई की रात एक बोलेरो कैम्पर संदिग्ध अवस्था में घटनास्थल के आसपास घूमती दिखी। स्थानीय मुखबिरों और वाहन के नंबर की मदद से पुलिस की टीम आरोपियों के ठिकानों तक जा पहुंची। आधुनिक तकनीक और पारंपरिक पुलिसिंग के तालमेल ने इस मामले को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभाई।
रामपुर पुलिस अब आरोपियों से यह उगलवाने की कोशिश कर रही है कि क्या उन्होंने पहले भी ऐसी वारदातों को अंजाम दिया है। टेलीकॉम कंपनी के भारी-भरकम पोलों को काटकर ले जाना किसी अकेले व्यक्ति का काम नहीं हो सकता। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह के तार अन्य जिलों के कबाड़ माफियाओं से जुड़े हो सकते हैं। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां और महत्वपूर्ण खुलासे होने की पूरी संभावना है।

