Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक बड़ी पहल करने जा रही है। राज्य सरकार जल्द ही ‘मुख्यमंत्री महिला सशक्तिकरण योजना’ शुरू करेगी। इस योजना का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की सक्रिय और मजबूत भागीदारी सुनिश्चित करना है।
इस नई योजना के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के बेहतरीन अवसर मिलेंगे। सरकार महिलाओं को कृषि, बागवानी और अन्य संबंद्ध व्यावसायिक गतिविधियों को शुरू करने के लिए सस्ते ऋण की सुविधा देगी। इससे ग्रामीण महिलाएं आत्मनिर्भर बनने के लिए तेजी से प्रेरित होंगी।
एक लाख से कम आय वाले परिवारों को मिलेगा योजना का लाभ
सरकार इस योजना के तहत केवल उन ग्रामीण महिलाओं को लाभान्वित करेगी, जिनके परिवार की कुल वार्षिक आय 1 लाख रुपये से अधिक नहीं है। पात्र महिलाओं को अपना नया व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने के लिए बैंकों से बहुत ही आसान शर्तों पर आर्थिक मदद मिलेगी।
हिमाचल प्रदेश महिला विकास निगम के सहयोग से अनुसूचित बैंक लाभार्थियों को 3 लाख रुपये तक का लोन उपलब्ध करवाएंगे। महिलाएं इस राशि का उपयोग डेयरी फार्मिंग, मुर्गी पालन, मधुमक्खी पालन, खाद्य प्रसंस्करण, सिलाई, बुटीक और ब्यूटी पार्लर जैसी इकाइयां खोलने के लिए कर सकती हैं।
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि लिए गए ऋण पर लगने वाले कुल ब्याज का 4 प्रतिशत हिस्सा स्वयं राज्य सरकार वहन करेगी। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा कि वर्तमान कांग्रेस सरकार महिलाओं के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
प्राकृतिक खेती के उत्पादों और दूध के दामों में ऐतिहासिक बढ़ोतरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब महिलाएं मजबूत होंगी, तो उनका पूरा परिवार आर्थिक रूप से समृद्ध होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आय बढ़ाने के लिए प्रदेश सरकार ने प्राकृतिक खेती से तैयार गेहूं, मक्का, कच्ची हल्दी और अदरक के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी निर्धारित किया है।
इसके साथ ही सरकार ने दूध के खरीद मूल्य में भी ऐतिहासिक वृद्धि की है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए गाय के दूध का खरीद मूल्य 51 रुपये से बढ़ाकर 61 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है। भैंस का दूध अब 61 रुपये के बजाय 71 रुपये प्रति लीटर खरीदा जा रहा है।
दुग्ध प्रोत्साहन योजना के तहत स्वयं खरीद केंद्र तक दूध ले जाने पर प्रति लीटर 3 रुपये का सीधा नकद प्रोत्साहन मिलेगा। दूध पर मिलने वाली परिवहन सब्सिडी भी 1.50 रुपये प्रति लीटर बढ़ाई गई है। किसानों की मदद के लिए राज्य किसान आयोग का गठन भी किया जाएगा।
प्राकृतिक खेती से उत्पादित गेहूं का समर्थन मूल्य 60 रुपये से बढ़ाकर 80 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। मक्के का मूल्य 40 रुपये से बढ़ाकर 50 रुपये और कच्ची हल्दी का दाम 90 रुपये से बढ़ाकर 150 रुपये प्रति किलोग्राम किया गया है। अदरक के लिए 30 रुपये का न्यूनतम मूल्य घोषित हुआ है।
Author: Sunita Gupta

