Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज चुनाव के पहले चरण में लोकतंत्र की बेहद खूबसूरत तस्वीरें सामने आई हैं। गांव की सरकार चुनने के लिए युवाओं से लेकर बुजुर्गों में भारी उत्साह दिखा। सुबह सात बजे से ही मतदान केंद्रों पर वोटरों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं।
इस महापर्व में जहां सौ साल से अधिक उम्र के बुजुर्गों ने हौसला दिखाया, वहीं युवा वर्ग भी पीछे नहीं रहा। पहली बार वोट डालने वाले युवाओं ने उंगली पर स्याही लगवाकर खुशी जाहिर की। उन्होंने इस मौके पर अन्य लोगों से भी लोकतंत्र को मजबूत करने की भावुक अपील की।
बुजुर्ग महिलाओं ने पेश की मतदान की अनूठी मिसाल
डंसा पंचायत की पायल गुप्ता और दलोग गांव के वैभव भलूनी ने पहली बार मतदान कर गर्व महसूस किया। वहीं जगूनी वार्ड में 115 वर्षीय बुजुर्ग महिला सुंपू देवी ने खुद बूथ पर पहुंचकर वोट डाला। रोहड़ू की ग्राम पंचायत झगटान में भी 103 वर्षीय बुजुर्ग महिला ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
आनी के कोट गांव निवासी 100 वर्षीय मंगल चंद ने भी मतदान केंद्र आकर वोट डाला। उम्र के इस पड़ाव में उनका जोश देखकर हर कोई दंग रह गया। ग्रामीण क्षेत्रों में सही जनप्रतिनिधि चुनने के लिए बुजुर्गों का यह जज्बा वाकई पूरे देश के वोटरों को प्रेरित करने वाला है।
बिलासपुर के पिंक बूथ पर उमड़ा मतदाताओं का सैलाब
बिलासपुर जिले में भी उम्र का शतक पार कर चुके कई मतदाताओं ने बूथों का रुख किया। यहां घुमारवीं विकास खंड की ग्राम पंचायत सेऊ में विशेष पिंक मतदान केंद्र बनाया गया था। इस वीआईपी बूथ पर भदरोग निवासी 113 वर्षीय बुजुर्ग महिला मंगलू देवी ने परिजनों के साथ वोट डाला।
उपायुक्त राहुल कुमार ने मंगलू देवी के जज्बे की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के इस महापर्व में उनकी भागीदारी युवाओं के लिए सबसे बड़ी प्रेरणा है। इसी जिले की लुहारवीं पंचायत में 105 वर्षीय क्रोध देवी और भड़ोली कलां के 100 वर्षीय रामदास ने भी मतदान किया।
शिमला के पहाड़ों में कई किलोमीटर पैदल चले बुजुर्ग
शिमला जिले के दुर्गम पहाड़ी रास्तों पर बुजुर्गों ने कई किलोमीटर पैदल चलकर अपना फर्ज निभाया। जुन्गा तहसील के टिक्कर गांव के 95 वर्षीय कृष्णा नंद शर्मा तीन किलोमीटर पैदल चले। उन्होंने पुराना जुन्गा केंद्र पर जाकर समाज को मतदान के प्रति जागरूक करने का संदेश दिया।
वहीं भोंट पंचायत के 92 वर्षीय निरमा राम और पीरन के 94 वर्षीय बालक राम निर्मोही ने क्रमशः तीन और छह किलोमीटर का कठिन सफर तय किया। देवठी के 94 वर्षीय सुंदर सिंह भी दो किलोमीटर पैदल चले। इसी बूथ पर 45 वर्षीय दिव्यांग रामगोपाल वर्मा बैसाखी के सहारे वोट डालने पहुंचे।
Author: Sunita Gupta

