Dubai News: संयुक्त अरब अमीरात से बड़ी संख्या में पाकिस्तानी शिया मुसलमानों की वापसी ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कई लोगों को बिना सामान और बचत लिए ही वापस भेज दिया गया। इस घटनाक्रम के बाद पाकिस्तान के शिया समुदाय में चिंता और असुरक्षा का माहौल गहरा गया है।
पाकिस्तान के चकवाल जिले और आसपास के गांवों से लौटे लोगों ने दावा किया कि उन्हें अचानक UAE छोड़ने के लिए कहा गया। कई परिवारों के पास अब न नौकरी बची है और न ही वर्षों की कमाई तक पहुंच है। लौटने वालों में बड़ी संख्या शिया मुसलमानों की बताई जा रही है।
हजारों लोगों के निष्कासन का दावा
अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी रॉयटर्स ने कुछ दस्तावेजों की जांच और कई प्रभावित लोगों से बातचीत के बाद यह जानकारी सामने रखी। रिपोर्ट के मुताबिक मजलिस वहदत-ए-मुस्लिमीन नामक संगठन ने दावा किया है कि फरवरी 2026 के बाद से करीब 7,500 पाकिस्तानी शिया मुसलमानों को UAE से निकाला गया है।
संगठन का कहना है कि वास्तविक संख्या इससे भी अधिक हो सकती है। प्रभावित लोगों के अनुसार उन्हें अपना निजी सामान, बैंक बचत और जरूरी दस्तावेज लेने तक का पर्याप्त समय नहीं मिला। कई परिवार अब आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं और पाकिस्तान लौटने के बाद भविष्य को लेकर चिंतित हैं।
ईरान युद्ध के बाद बढ़ा क्षेत्रीय तनाव
शिया समुदाय के नेताओं का कहना है कि ईरान युद्ध के दौरान हालात और ज्यादा बिगड़े। खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती भी तेज हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान द्वारा UAE पर मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद कई देशों में सुरक्षा जांच और निगरानी बढ़ाई गई थी।
समुदाय के प्रतिनिधियों ने आरोप लगाया कि इसी माहौल के बीच बड़ी संख्या में शिया मुसलमानों को निशाना बनाया गया। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। UAE सरकार की ओर से भी इस मामले पर विस्तृत सार्वजनिक बयान सामने नहीं आया है।
पाकिस्तान सरकार ने क्या कहा?
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि UAE ने किसी को केवल मजहब के आधार पर देश से नहीं निकाला। मंत्रालय के मुताबिक यदि किसी व्यक्ति को निष्कासित किया गया है, तो वह स्थानीय नियमों के उल्लंघन से जुड़ा मामला हो सकता है। विदेश मंत्रालय ने भी निष्कासन के आंकड़ों को सामान्य बताया है।
वहीं पाकिस्तान सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने नाम सार्वजनिक न करने की शर्त पर कहा कि इस्लामाबाद पूरे मामले की समीक्षा कर रहा है। अधिकारी के अनुसार बड़ी संख्या में वापस लौटे लोगों में शिया मुसलमान शामिल हैं। उन्होंने कहा कि कूटनीतिक कारणों से पाकिस्तान सरकार इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से ज्यादा टिप्पणी नहीं कर रही।
वापस लौटे परिवारों में बढ़ी आर्थिक चिंता
UAE से लौटे कई लोगों का कहना है कि उन्होंने वर्षों विदेश में मेहनत करके बचत जमा की थी। अचानक वापसी के कारण उनके परिवार आर्थिक संकट में आ गए हैं। कई लोगों के बच्चों की पढ़ाई और घरों की जिम्मेदारियां प्रभावित हुई हैं। स्थानीय समुदाय भी इन परिवारों की मदद के लिए आगे आ रहा है।
Author: Pallavi Sharma

