Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का बिगुल पूरी तरह से बज चुका है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पहले चरण के मतदान के लिए अपनी सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली हैं। प्रदेश में पहले दौर की वोटिंग आगामी 26 मई को होगी।
आयोग इस बार पंचायत चुनाव ईवीएम के बजाय पारंपरिक तरीके से करवा रहा है। मतदाता मतपत्र और मतपेटियों के जरिए अपने प्रतिनिधियों को चुनेंगे। आयोग ने पंचायतीराज संस्थाओं के अलग-अलग पदों के लिए करीब 60 लाख रंग-बिरंगे मतपत्र छपवाए हैं।
जानिए किस पद के लिए होगा किस रंग का मतपत्र
निर्वाचन आयोग ने भ्रम की स्थिति से बचने के लिए पदों के अनुसार रंग तय किए हैं। पंचायत प्रधान पद के लिए हल्के हरे रंग का मतपत्र इस्तेमाल होगा। उपप्रधान पद के प्रत्याशी के लिए पीले रंग का मतपत्र मुद्रित करवाया गया है।
इसी तरह वार्ड सदस्य के लिए सफेद रंग का मतपत्र तय हुआ है। पंचायत समिति सदस्य के लिए गुलाबी मतपत्र होगा। जिला परिषद सदस्य के लिए मतदाता हल्के नीले रंग के मतपत्र पर मुहर लगाकर अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
पोलिंग पार्टियों की रवानगी का पूरा शेड्यूल जारी
पहले चरण के चुनाव को सफल बनाने के लिए पोलिंग पार्टियां 24 और 25 मई को ड्यूटी पर भेजी जाएंगी। पहाड़ी और दूर-दराज के कठिन क्षेत्रों के लिए टीमें 24 मई को ही रवाना कर दी जाएंगी। अन्य पोलिंग पार्टियां 25 मई को निकलेंगी।
दूसरे चरण के मतदान के लिए पोलिंग पार्टियां 27 मई को अपने केंद्रों के लिए रवाना होंगी। वहीं तीसरे चरण की चुनावी प्रक्रिया को संपन्न करवाने के लिए टीमें 29 मई को अपने-अपने निर्धारित मतदान केंद्रों की तरफ प्रस्थान करेंगी।
एचआरटीसी से मांगी 400 विशेष बसें
चुनाव आयोग ने पोलिंग पार्टियों और मतपेटियों को सुरक्षित पहुंचाने के लिए पुख्ता प्रबंध किए हैं। आयोग ने हिमाचल पथ परिवहन निगम से 400 विशेष बसों की मांग की है। निगम प्रबंधन को इन सभी बसों को तुरंत रिजर्व रखने के आदेश दिए हैं।
ये सभी बसें जिला के अलग-अलग उपमंडल स्तर से पोलिंग स्टाफ को लेकर रवाना होंगी। आयोग ने निगम को हिदायत दी है कि सभी बसें बिल्कुल अच्छी स्थिति में होनी चाहिए। इससे मतदान कर्मियों को यात्रा के दौरान कोई परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी।
Author: Sunita Gupta

