‘सीएम सुक्खू अधिकारियों के हाथों की कठपुतली’, जयराम ठाकुर का तीखा हमला और टनल प्रोजेक्ट पर मोदी की तारीफ

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सूबे की सुक्खू सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू को अधिकारियों के हाथों की कठपुतली करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पूरी तरह से समझौता कर चुकी है और दागी अफसरों को बढ़ावा दे रही है।

स्थायी मुख्य सचिव की नियुक्ति पर उठाए गंभीर सवाल

जयराम ठाकुर ने कार्यवाहक मुख्य सचिव को स्थायी नियुक्ति देने के सरकारी फैसले की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि जिस अधिकारी की नियुक्ति को माननीय उच्च न्यायालय में जनहित याचिका के जरिए चुनौती दी गई है, उसे स्थायी पद सौंपना गलत है। इस मामले में कोर्ट पहले ही सरकार को नोटिस जारी कर चुका है।

नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि मुख्यमंत्री बेबस होकर भ्रष्ट अधिकारियों को पुरस्कृत कर रहे हैं। सरकार ऐसे लोगों को सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवा विस्तार या पुनर्नियुक्ति देने की फिराक में है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं, मुख्यमंत्री आज उन्हीं से घिरे हुए हैं।

सिंधु जल समझौते पर पीएम मोदी के नेतृत्व की सराहना

दूसरी तरफ, जयराम ठाकुर ने जल सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के मोर्चे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मोदी की गारंटी का मतलब हर काम पूरा होने की पक्की गारंटी है। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान जाने वाली नदियों का पानी रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है।

प्रशासन ने पाकिस्तान की तरफ जाने वाले पानी को मोड़ने के लिए 2,620 करोड़ रुपये की दो बड़ी टनल परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इसके तहत हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति में 2,352 करोड़ रुपये की लागत से 8.7 किलोमीटर लंबी चेनाब-ब्यास लिंक टनल का निर्माण किया जाएगा।

यह टनल चेनाब की सहायक चंद्रा नदी के अतिरिक्त पानी को हाइड्रोलिक संरचनाओं के जरिए ब्यास बेसिन में मोड़ेगी। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर के सलाल बांध में 268 करोड़ रुपये की लागत से सेडिमेंट-बायपास टनल बनेगी। इस ऐतिहासिक इंटर-बेसिन नदी-जोड़ो परियोजना से चंद्रा नदी का पानी अब पाकिस्तान नहीं जाएगा।

यह पानी सीधे ब्यास नदी में मिलेगा, जिससे हिमाचल प्रदेश में बिजली उत्पादन काफी बढ़ जाएगा। इस दूरगामी और रणनीतिक फैसले से न केवल पहाड़ी राज्य को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे मैदानी राज्यों को भी सिंचाई और पेयजल के लिए भारी मात्रा में पानी मिलेगा।

Author: Sunita Gupta

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