Delhi News: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को आम आदमी पार्टी (AAP) के खिलाफ दायर एक महत्वपूर्ण जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। इस याचिका में पार्टी का पंजीकरण रद करने और पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित अन्य नेताओं को चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित करने की मांग की गई थी। मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने इसे निराधार बताया।
याचिकाकर्ता सतीश कुमार अग्रवाल ने अपनी याचिका में तर्क दिया था कि आबकारी नीति मामले में न्यायमूर्ति स्वर्ण कांता शर्मा की अदालत की कार्यवाही का बहिष्कार करने के कारण पार्टी का पंजीकरण रद किया जाना चाहिए। याचिका में यह भी आरोप लगाया गया था कि इन नेताओं ने न्याय व्यवस्था को राजनीतिक रंग देकर संविधान के प्रति निष्ठा के सिद्धांतों का उल्लंघन किया है।
अदालत की सख्त टिप्पणी
हाई कोर्ट की पीठ ने अपने फैसले में साफ किया कि रिकॉर्ड में ऐसा कोई ठोस सबूत नहीं है, जिससे यह साबित हो सके कि आम आदमी पार्टी ने भारत के संविधान, लोकतंत्र या धर्मनिरपेक्षता में विश्वास न होने की बात कही हो। अदालत ने याचिकाकर्ता की दलीलों को पूरी तरह से भ्रामक और गलतफहमी पर आधारित करार दिया है।
अदालत ने स्पष्ट किया कि भारत निर्वाचन आयोग के पास किसी भी राजनीतिक दल की मान्यता रद करने की वैधानिक शक्ति नहीं है। वहीं, नेताओं को चुनाव लड़ने से अयोग्य घोषित करने की मांग पर कोर्ट ने कहा कि अयोग्यता का प्रश्न तभी उठता है जब कोई चुनाव घोषित हो और संबंधित नेता उम्मीदवार बनने का फैसला करें। यह मांग अभी पूरी तरह निराधार है।
कानूनी और संवैधानिक स्थिति
सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी ध्यान दिलाया कि आचरण को लेकर संबंधित नेताओं के खिलाफ अवमानना की कार्यवाही पहले ही शुरू की जा चुकी है। याचिकाकर्ता यह सिद्ध करने में भी विफल रहा कि आम आदमी पार्टी ने धोखाधड़ी से अपना पंजीकरण हासिल किया है। इस प्रकार, अदालत ने याचिका को खारिज करते हुए मामले का पटाक्षेप कर दिया।
गौरतलब है कि यह विवाद आबकारी नीति मामले से जुड़ा है, जिसमें ट्रायल कोर्ट द्वारा आरोपितों को आरोपमुक्त किए जाने के फैसले को सीबीआई ने हाई कोर्ट में चुनौती दी है। मामले की सुनवाई के दौरान ट्रायल कोर्ट की कुछ टिप्पणियों को लेकर नेताओं और न्यायाधीश के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसके बाद पार्टी नेताओं ने अदालत की कार्यवाही का बहिष्कार करने की घोषणा की थी।
Author: Gaurav Malhotra

