Himachal Pradesh News: पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद आम जनता पर महंगाई का दोहरा बोझ पड़ने वाला है। ट्रक ऑपरेटरों ने मालभाड़ा बढ़ाना शुरू कर दिया है। वहीं, निजी बस ऑपरेटर भी 30 मई के बाद किराये में बढ़ोतरी पर अंतिम फैसला लेंगे। इससे रोजमर्रा की चीजें महंगी होने के आसार हैं।
ट्रक ऑपरेटरों ने कुछ दिन पहले ही उद्योग विभाग को चार प्रतिशत किराया बढ़ाने का लिखित प्रस्ताव भेजा था। अब ईंधन की बढ़ती कीमतों को देखते हुए ऑपरेटरों ने मालभाड़े में तीन प्रतिशत की और वृद्धि करने की बात कही है। इस फैसले से बाजार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें बढ़ सकती हैं।
डीजल के दाम बढ़ते ही उद्योगों पर बढ़ेगा आर्थिक बोझ
मालभाड़े में इस बढ़ोतरी के बाद अब उद्यमी भी अपने उत्पादों के दाम बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। औद्योगिक क्षेत्रों का एक तय फॉर्मूला है। इसके तहत अगर डीजल की कीमत एक रुपये बढ़ती है, तो उद्योग ट्रक संचालकों को 30 पैसे प्रति किलोमीटर प्रति क्विंटल के हिसाब से मालभाड़ा बढ़ाकर देते हैं।
द बीत एरिया गुड्स करियर कोआपरेटिव ट्रांसपोर्ट सोसायटी टाहलीवाल के महासचिव अशोक राणा ने बताया कि एक सप्ताह पहले लगभग चार प्रतिशत किराया बढ़ाया गया था। अब ईंधन के दाम बढ़ने के कारण तीन प्रतिशत किराया और बढ़ाया जाएगा। इस पर अंतिम मुहर लगाने के लिए जल्द ही एक बैठक बुलाई गई है।
पंचायत चुनाव के बाद बस ऑपरेटर लेंगे सामूहिक फैसला
दूसरी तरफ, जिला प्राइवेट बस आपरेटर्स वेलफेयर सोसायटी के अध्यक्ष महेंद्र मनकोटिया ने कहा कि निजी बस संचालकों की प्रादेशिक पदाधिकारियों से इस मुद्दे पर गहन चर्चा हुई है। राज्य में जारी पंचायत चुनाव के मद्देनजर संगठन ने अभी कोई भी बड़ा फैसला नहीं लिया है।
बस ऑपरेटरों के अनुसार, वे आगामी 30 मई के बाद एक सामूहिक बैठक का आयोजन करेंगे। इसी महत्वपूर्ण बैठक में यात्री किराये में बढ़ोतरी पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा। ट्रांसपोर्टरों के इस कदम से आने वाले दिनों में आम यात्रियों की जेब पर सीधा और भारी असर पड़ना बिल्कुल तय माना जा रहा है।
Author: Sunita Gupta

