Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में पंचायत चुनाव के दौरान प्रशासनिक लापरवाही का एक अनोखा मामला सामने आया है। यहां बैलेट पेपर से एक प्रत्याशी का नाम ही गायब हो गया। उसकी जगह नोटा (NOTA) छप गया, जिससे मतदान केंद्र पर भारी हंगामा खड़ा हो गया और चुनाव रोकना पड़ा।
बैलेट पेपर पर नाम गायब होने से मचा हड़कंप
यह हैरान करने वाला मामला मंडी जिले के करसोग उपमंडल का है। यहां पंचायत समिति वार्ड नंबर-12 मेहंडी में मतदान प्रक्रिया चल रही थी। मतदाता उत्साह के साथ अपने मतों का प्रयोग कर रहे थे। इसी बीच जब एक प्रत्याशी खुद वोट डालने पहुंचे, तो मतपत्र देखकर उनके होश उड़ गए।
उम्मीदवार होशियार सिंह ने देखा कि बैलेट पेपर पर उनके नाम की जगह NOTA लिखा हुआ था। सबसे ज्यादा चौंकाने वाली बात यह थी कि नोटा के ठीक आगे वही ‘कुर्सी’ चुनाव चिन्ह छपा था, जो प्रशासन ने आधिकारिक तौर पर होशियार सिंह को आवंटित किया था। इसके बाद उन्होंने तुरंत आपत्ति दर्ज कराई।
लापरवाही के बाद दस बूथों पर रोका गया मतदान
प्रत्याशी की शिकायत मिलते ही चुनाव ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और प्रशासनिक महकमे में अफरातफरी मच गई। इस गंभीर गड़बड़ी को देखते हुए प्रशासन ने तुरंत बड़ा कदम उठाया। अफसरों ने थाच थर्मी और परलोग पंचायतों के अंतर्गत आने वाले सभी 10 मतदान केंद्रों पर वोटिंग को बीच में ही रोक दिया।
इस वार्ड में पंचायत समिति सदस्य पद के लिए कुल सात उम्मीदवार चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं। हालांकि बैलेट पेपर की इस बड़ी त्रुटि ने चुनाव की शुचिता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित प्रत्याशी होशियार वर्मा ने इस घटना को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जाहिर की है।
प्रत्याशी ने की सभी पदों के चुनाव की समीक्षा की मांग
होशियार वर्मा ने प्रशासन पर हमला बोलते हुए कहा कि केवल एक पद का चुनाव टालना न्यायसंगत नहीं है। जब इतनी बड़ी लापरवाही हुई है, तो संबंधित क्षेत्रों में वार्ड सदस्य, प्रधान, उपप्रधान और जिला परिषद के अन्य चुनावों की निष्पक्षता भी संदेह के घेरे में आ जाती है।
उम्मीदवार का तर्क है कि इस तकनीकी खराबी के कारण अब दोबारा चुनाव कराने से पूरा माहौल प्रभावित होगा। इससे भविष्य में होने वाले मतदान के प्रतिशत पर भी काफी बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने राज्य निर्वाचन आयोग से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है।
Author: Sunita Gupta


