Delhi News: केंद्र और दिल्ली सरकार ने एलपीजी नियमों में बड़ा बदलाव करके आम जनता को बड़ी राहत दी है। अब शहर बदलने पर आपका पुराना गैस कनेक्शन ‘डेड’ नहीं बल्कि केवल ‘पॉज’ माना जाएगा। सरकार के इस कदम से अब बार-बार घर बदलने वाले उपभोक्ताओं की बड़ी टेंशन खत्म हो गई है।
नया नियम दिलाएगा कागजी कार्रवाई से मुक्ति
अक्सर लोग ट्रांसफर के डर से पीएनजी यानी पाइप वाली गैस लेने से कतराते थे। उन्हें डर रहता था कि शिफ्ट होने पर नए कनेक्शन के लिए दोबारा धक्के खाने पड़ेंगे। नए नियमों के अनुसार पीएनजी लगवाने के 30 दिनों के भीतर पुराना एलपीजी कनेक्शन बंद करने की अर्जी देनी होगी।
इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा उपभोक्ताओं को ‘ट्रांसफर वाउचर’ के रूप में मिलेगा। अगर आप भविष्य में किसी ऐसे शहर या इलाके में शिफ्ट होते हैं जहां पाइप वाली गैस की सुविधा नहीं है, तो आप इस वाउचर की मदद से अपना पुराना सिलेंडर वाला कनेक्शन दोबारा चालू करवा सकते हैं।
किराएदार छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को फायदा
इस नई सुविधा के बाद उपभोक्ताओं को दोबारा सिक्योरिटी डिपॉजिट और लंबी पेपरवर्क की भागदौड़ से पूरी तरह मुक्ति मिल जाएगी। यह काम की खबर खासकर उन लोगों के लिए वरदान है जो काम के सिलसिले में अक्सर शहर-दर-शहर भटकते हैं या फिर जो छात्र किराए के मकानों में रहते हैं।
अब देश का कोई भी नागरिक बेफिक्र होकर अपने घरों में सुरक्षित पीएनजी कनेक्शन अपना सकता है। सरकार ने सुरक्षा और सुविधा के बीच के इस अंतर को पूरी तरह खत्म कर दिया है। सरकार का यह ऐतिहासिक फैसला आम आदमी की ‘किचन लाइफ’ को बहुत आसान और सहूलियत भरा बनाने वाला है।
बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के चालू होगा कनेक्शन
इस नए ट्रांसफर वाउचर के जरिए आपकी रसोई की गाड़ी कभी नहीं रुकेगी। उपभोक्ताओं को बस अपने पुराने गैस के कागजात संभाल कर रखने होंगे। इसके बाद वे बिना किसी अतिरिक्त शुल्क या परेशानी के अपनी रसोई को पूरी तरह स्मार्ट और आधुनिक बना सकते हैं।
पेट्रोलियम कंपनियों ने भी अपने सभी डीलरशिप को इन नए नियमों को तुरंत लागू करने के सख्त निर्देश दे दिए हैं। अगर कोई एजेंसी नया कनेक्शन देने में आनाकानी करती है, तो उपभोक्ता सीधे हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करा सकते हैं। इस नियम से गैस ब्लैक मार्केटिंग पर भी पूरी तरह रोक लगेगी।
Author: Gaurav Malhotra

