नेरवा स्कूल में छात्र के सवाल पर मुस्कुराए सीएम सुक्खू, बोले- एमएलए बनने का एग्जाम सबसे कठिन

Shimla News: हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने शिमला के नेरवा स्कूल में छात्रों से खुलकर संवाद किया। इस दौरान बच्चों ने राजनीति, शिक्षा, मिड-डे मील, शौचालय, ट्रैफिक और स्कूल सुविधाओं से जुड़े सवाल पूछे। मुख्यमंत्री ने कई मांगों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और समस्याएं दूर करने का भरोसा दिलाया।

संवाद के दौरान दसवीं कक्षा के छात्र विहान चौहान ने मुख्यमंत्री से पूछा कि सेना सहित हर क्षेत्र में नौकरी के लिए परीक्षा होती है, लेकिन विधायक बनने के लिए कोई परीक्षा क्यों नहीं होती। इस सवाल पर मुख्यमंत्री मुस्कुराए और कहा कि एमएलए बनने की परीक्षा सबसे कठिन होती है क्योंकि इसमें जनता फैसला करती है।

जनता ही तय करती है असली परीक्षा

मुख्यमंत्री सुक्खू ने छात्रों को लोकतंत्र का महत्व समझाते हुए कहा कि देश में वोट का अधिकार जनता को पंडित जवाहर लाल नेहरू के समय मिला। विधायक हर पांच साल बाद जनता के बीच जाते हैं और जनता ही उन्हें पास या फेल करती है। छात्र ने फिर कहा कि राजनीतिक दलों के टिकट के लिए परीक्षा होनी चाहिए।

दसवीं की छात्रा आकृति चौहान ने पूछा कि मिड-डे मील योजना आठवीं तक ही क्यों सीमित है। उसने कहा कि जमा दो तक पढ़ने वाले छात्रों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने सवाल को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार इस सुझाव पर गंभीरता से विचार करेगी और चरणबद्ध तरीके से योजना बढ़ाई जा सकती है।

टॉयलेट और पानी की समस्या पर चर्चा

तीसरी कक्षा के छात्र रियांश ने स्कूल के शौचालयों की खराब हालत की शिकायत की। उसने कहा कि टॉयलेट गंदे रहते हैं और उनमें पानी की सुविधा भी नहीं है। चौथी कक्षा की एक छात्रा ने भी यही समस्या उठाई। मुख्यमंत्री ने बच्चों को भरोसा दिया कि स्कूल में बेहतर शौचालय और पानी की व्यवस्था की जाएगी।

संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने छात्रों से स्कूल परिसर साफ रखने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि सरकार सुविधाएं देगी, लेकिन छात्रों को भी स्कूल की स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग करना होगा। बच्चों ने इस दौरान पानी और ट्रैफिक की समस्याओं को भी विस्तार से रखा।

मेरिट सूची और विदेशी भाषाओं पर सवाल

दसवीं के छात्र वैभव चौहान ने इस वर्ष शिमला जिले से कम छात्रों के मेरिट सूची में आने का मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने माना कि कहीं न कहीं कुछ कमियां रही होंगी। उन्होंने कहा कि सरकार कारणों की जांच करेगी और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाएगी।

जमा दो की छात्रा आयती सूद ने पूछा कि सरकारी स्कूलों में फ्रेंच, जर्मन और जापानी जैसी अंतरराष्ट्रीय भाषाएं क्यों नहीं पढ़ाई जातीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उच्च कक्षाओं में ऐसी भाषाओं को शामिल करने की संभावनाओं पर विचार कर रही है ताकि छात्रों को वैश्विक अवसर मिल सकें।

स्कूल सुविधाओं पर बच्चों ने रखी मांगें

जमा दो की छात्रा अनामिषा ने कहा कि उनकी कक्षाएं अलग-अलग भवनों में लगती हैं और बैठने के लिए उपलब्ध बेंच आरामदायक नहीं हैं। एक छात्रा ने लंच ब्रेक के दौरान ट्रैफिक से होने वाली परेशानी का मुद्दा भी उठाया। बच्चों ने मुफ्त स्कूल ड्रेस की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी।

मुख्यमंत्री सुक्खू ने कहा कि वह स्कूल की वास्तविक समस्याएं समझने के लिए ही नेरवा पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों से सीधे बातचीत करने का उद्देश्य उनकी जरूरतों को समझना है। मुख्यमंत्री ने देहा सड़क को डबल लेन बनाने और स्कूल सुरक्षा के लिए दीवार निर्माण का भी आश्वासन दिया।

Author: Sunita Gupta

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