Mandi Gas Agency Scam: मंडी में गैस एजेंसी की मनमानी से उपभोक्ता बेहाल, बिना होम डिलीवरी वसूले जा रहे अतिरिक्त दाम

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में एलपीजी गैस एजेंसी की बड़ी लापरवाही सामने आई है। मांडव गैस एजेंसी द्वारा उपभोक्ताओं को उनके घरों तक सिलेंडर न पहुंचाने से जनता बेहद परेशान है। सामाजिक संस्था ने प्रशासन से इस गंभीर मामले में तुरंत दखल देने की मांग की है।

सड़क किनारे बांटे जा रहे एलपीजी सिलेंडर

मंडी के चैलचौक और आसपास के ग्रामीण इलाकों में गैस आपूर्ति की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। स्थानीय लोगों के मुताबिक गैस एजेंसी नियमों को ताक पर रखकर सड़कों के किनारे सिलेंडरों की खुलेआम बिक्री कर रही है। इससे जरूरतमंद उपभोक्ताओं को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है

हैरानी की बात यह है कि होम डिलीवरी न देने के बावजूद कंपनी लोगों से पैसे वसूल रही है। एजेंसी हर उपभोक्ता से लेबर और वाहन शुल्क के नाम पर 42 रुपये अतिरिक्त ले रही है। इस अवैध वसूली से सीधे-सीधे गरीब जनता की जेब पर डाका डाला जा रहा है। लोगों को मैसेज 964 रुपए का आ रहा है, जबकि गैस एजेंसी के कर्मचारी लोगों से 1006 रुपए वसूल रहे हैं।

एक महीने से अधिक समय से ठप पड़ी सप्लाई

राइट फाउंडेशन के अध्यक्ष सुरेश कुमार ने इस संबंध में प्रशासनिक अधिकारियों को एक आधिकारिक शिकायत पत्र भेजा है। उन्होंने बताया कि चैलचौक से मोवीसेरी मार्ग पर रहने वाले सैकड़ों परिवारों को बीते 2 अप्रैल 2026 से आज तक गैस सिलेंडर की डिलीवरी नसीब नहीं हुई है।

पहाड़ी क्षेत्र के लोग इस भीषण किल्लत के कारण चूल्हा जलाने को मोहताज हो चुके हैं। वर्ष 2017 से समाज सेवा में जुटी इस संस्था ने भ्रष्ट व्यवस्था के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने प्रशासन से आरोपी गैस एजेंसी का लाइसेंस तुरंत रद्द करने की सख्त मांग की है।

डोरस्टेप डिलीवरी और अतिरिक्त शुल्क को लेकर सरकारी नियम

नियमों के मुताबिक उपभोक्ताओं के घर तक सिलेंडर पहुंचाना पूरी तरह गैस एजेंसी की जिम्मेदारी है। यदि एजेंसी का डिलीवरी वाहन गांव के मुख्य पॉइंट तक ही जाता है और उपभोक्ता वहां से खुद सिलेंडर लाते हैं, तो उन्हें ‘कैश एंड कैरी डिस्काउंट’ के तहत छूट पाने का कानूनी अधिकार है।

कोई भी डिलीवरी एजेंट सरकार द्वारा तय किए गए अधिकतम शुल्क से एक भी रुपया ज्यादा नहीं वसूल सकता है। मांडव गैस एजेंसी द्वारा किया जा रहा यह कृत्य सीधे तौर पर इन नियमों का उल्लंघन है। स्थानीय प्रशासन अब इस मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर रहा है।

Author: Sunita Gupta

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