Lucknow News: राजधानी के अलीगंज अग्निकांड मामले में इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने कड़ा रुख अपनाया है। अदालत ने राज्य सरकार, लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) और बिजली विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इसके साथ ही भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए मानक कार्यप्रणाली (एसओपी) भी मांगी है।
अधिवक्ता शिवेंदु पांडेय की जनहित याचिका पर हाई कोर्ट ने दिया आदेश
यह महत्वपूर्ण आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति मंजीव शुक्ला की बेंच ने अधिवक्ता शिवेंदु पांडेय की जनहित याचिका पर दिया है। इस याचिका में अलीगंज अग्निकांड की एक इंडिपेंडेंट और टाइम-बाउंड जांच कराने की मांग की गई है। साथ ही कोर्ट से इसकी निगरानी के लिए एक स्पेशल कमेटी बनाने की अपील की गई है।
याचिकाकर्ता ने केंद्र और राज्य सरकार के अलावा चीफ फायर ऑफिसर, नगर निगम और एलडीए को भी इसमें पार्टी बनाया है। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी विपक्षी विभागों को निर्धारित समय के भीतर अपना डिटेल जवाब और एक्शन प्लान कोर्ट के समक्ष पेश करने का सख्त निर्देश दिया है।
हादसों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत
हाई कोर्ट ने साफ कहा है कि शहर में ऐसे अग्निकांडों की पुनरावृत्ति हर हाल में रुकनी चाहिए। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को मिलकर एक मजबूत सिक्योरिटी सिस्टम और एसओपी तैयार करनी होगी। अदालत इस पूरे मामले और विभागों द्वारा सौंपे जाने वाले जवाबों पर अगली सुनवाई आगामी चार अगस्त को करेगी।

