Chandigarh News: केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर भले ही अब पूरे देश के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन 2047 के संकल्प को साकार करने में जुटे हैं, लेकिन उनके जहन में आज भी हरियाणा बसता है। मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने राज्य में ऐसी योजनाएं लागू कीं, जो आज देश के लिए मिसाल बन चुकी हैं।
राष्ट्रीय मंचों पर भी अनायास आ जाता है हरियाणा का नाम
केंद्रीय ऊर्जा एवं शहरी विकास मंत्री विभिन्न सार्वजनिक कार्यक्रमों में देशव्यापी नीतियों का उल्लेख करते हुए भी अक्सर हरियाणा का जिक्र कर बैठते हैं। वह अपने हास्य अंदाज में स्वीकार करते हैं कि हरियाणा उनके दिल-दिमाग से जाता ही नहीं है। इसका मुख्य कारण राज्य की जनता और संगठन से उनका पुराना जुड़ाव है।
साल 2014 में अनुभवहीनता के आरोपों का नीतियों से दिया जवाब
वर्ष 2014 में जब भाजपा ने पहली बार अपने बूते हरियाणा में सरकार बनाई, तब खट्टर को प्रशासनिक रूप से अनुभवहीन कहा गया। हालांकि, उन्होंने विपक्षी आलोचनाओं की परवाह किए बिना केवल जनहितकारी नीतियों और विकास योजनाओं पर फोकस रखा। इसके बाद वह हर वर्ग के लिए ‘मनोहारी’ नेता के रूप में उभरे।
खट्टर की पारदर्शी नीतियों ने शासन व्यवस्था में किया बड़ा बदलाव
मनोहर लाल खट्टर ने साढ़े नौ साल के कार्यकाल में ‘हरियाणा एक-हरियाणवी एक’ का नारा दिया। उन्होंने बिना पर्ची-बिना खर्ची वाली पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया, ऑनलाइन ट्रांसफर नीति और डिजिटल गवर्नेंस को बढ़ावा दिया। इन सुधारों से सरकारी कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर काटने से जनता को बड़ी राहत मिली।
परिवार पहचान पत्र (PPP) बना सामाजिक सुरक्षा का मजबूत आधार
खट्टर सरकार के दौरान शुरू हुआ परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) मॉडल देश भर में चर्चा का विषय रहा। इस डेटा-आधारित डिजिटल प्रणाली के माध्यम से विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे पात्र लोगों तक पहुंचाया गया। इस सफल प्रयोग का अध्ययन बाद में अन्य राज्यों ने भी अपने यहां किया।
लाल डोरा मुक्त योजना को केंद्र ने ‘स्वामित्व’ नाम से अपनाया
हरियाणा में शुरू हुई लाल डोरा मुक्त योजना एक ऐतिहासिक कदम साबित हुई। इसके तहत ग्रामीणों को उनकी संपत्ति का मालिकाना हक दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस अवधारणा को इतना पसंद किया कि इसे ‘स्वामित्व योजना’ के नाम से पूरे देश में लागू कर दिया गया।
‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल से मिला किसानों को सीधा लाभ
कृषि क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल का डिजिटल पंजीकरण शुरू किया गया। इसने एमएसपी (MSP) पर फसल खरीद, मुआवजा और बीमा दावों को बिचौलियों से मुक्त कर दिया। इसके साथ ही ‘अंत्योदय परिवार उत्थान योजना’ से गरीब परिवारों को स्वरोजगार के साधन मिले।
‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को बनाया एक सफल जनआंदोलन
खट्टर प्रशासन ने लिंगानुपात में सुधार के लिए कड़े प्रशासनिक कदम उठाए। ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान को सामाजिक जागरूकता के साथ जोड़कर एक बड़ा जनआंदोलन बनाया गया। इसके सकारात्मक परिणाम स्वरूप हरियाणा के लिंगानुपात में राष्ट्रीय स्तर पर एक उल्लेखनीय और ऐतिहासिक सुधार दर्ज किया गया।
संगठन के 35 वर्षों के जमीनी अनुभव से समझीं राज्य की समस्याएं
खट्टर बताते हैं कि मुख्यमंत्री बनने से पहले वे 35 साल तक संगठन के दायित्व के कारण हरियाणा की हर गली और गांव से वाकिफ हो चुके थे। यही जमीनी अनुभव मुख्यमंत्री के रूप में उनके काम आया। आज केंद्रीय मंत्री के रूप में वह इसी प्रशासनिक अनुभव का उपयोग देश के विकास में कर रहे हैं।
