Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में एक बड़े अंतरराष्ट्रीय फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 119 लोगों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के बाद समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कानून व्यवस्था को लेकर सूबे की बीजेपी सरकार पर तीखा हमला बोला है।
विदेशी नागरिकों को निशाना बना रहा था साइबर ठगी गिरोह
लखनऊ के पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर ने बताया कि विभूति खंड थाना क्षेत्र की चर्चित समिट बिल्डिंग में यह फर्जी कॉल सेंटर चल रहा था। पुलिस ने बुधवार रात छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह के 119 सदस्यों को दबोचा। यह गिरोह मुख्य रूप से अमेरिकी नागरिकों को निशाना बनाता था।
अखिलेश यादव ने सरकार से पूछा- 10 साल तक कहाँ थी पुलिस?
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में सरकार पर तंज कसा कि राजधानी में ऐसी अवैध गतिविधियों का पता लगाने में 10 साल कैसे लग गए? उन्होंने दावा किया कि यदि सही तरीके से जांच की जाए, तो राज्य में ऐसे कई और बड़े फर्जी कॉल सेंटर पकड़े जाएंगे।
अयोध्या राम मंदिर के सीसीटीवी कैमरे बंद करने का लगाया आरोप
सपा प्रमुख ने अयोध्या में राम मंदिर के दान में हुई कथित हेराफेरी का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले को छुपाने के लिए मंदिर परिसर के सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए गए थे। अखिलेश के मुताबिक, उत्तर प्रदेश इस समय देश में साइबर अपराध में नंबर वन है।
राज्य मंत्री असीम अरुण ने एनसीआरबी के आंकड़ों से दिया जवाब
उत्तर प्रदेश के समाज कल्याण राज्य मंत्री असीम अरुण ने राष्ट्रीय अपराध अभिलेख ब्यूरो (NCRB) के आंकड़ों का हवाला देते हुए सपा प्रमुख के दावों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि अखिलेश यादव ने अगर कभी एनसीआरबी की रिपोर्ट पढ़ी होती, तो ऐसा बयान नहीं देते।
देश में साइबर अपराध के मामले में तेलंगाना राज्य है सबसे आगे
मंत्री असीम अरुण ने आधिकारिक आंकड़ों को स्पष्ट करते हुए कहा कि वर्ष 2024 की रिपोर्ट के अनुसार, देश भर में साइबर अपराध के सबसे ज्यादा मामले तेलंगाना में दर्ज किए गए हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश पुलिस मुस्तैदी से काम कर रही है और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई हो रही है।

