Ayodhya News: अयोध्या के राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच कर रही पुलिस ने एफआईआर में आठ नामजद और एक अज्ञात व्यक्ति को शामिल किया है। हालांकि, जांच टीम ने अभी तक किसी भी आरोपी की मुख्य भूमिका तय नहीं की है। यानी इस पूरे मामले का मुख्य मास्टरमाइंड अभी तक आधिकारिक तौर पर सामने नहीं आया है।
अदालत में दाखिल फर्द बरामदगी में अविनाश के पास मिले सबसे ज्यादा पैसे
पुलिस द्वारा अदालत में दाखिल की गई फर्द बरामदगी रिपोर्ट के अनुसार, गिरफ्तारी के समय सबसे ज्यादा 20 लाख रुपये कैश और 1121 यूएस डॉलर की बड़ी रिकवरी आरोपी अविनाश शुक्ल के पास से दिखाई गई है। अन्य आरोपियों के पास से भी नकदी और आभूषण मिले हैं, लेकिन विदेशी मुद्रा सिर्फ अविनाश से मिली है।
इस पूरे मामले में निगरानी ड्यूटी पर तैनात सुभाष श्रीवास्तव के पास से कुछ भी बरामद नहीं हुआ है। वहीं, मंदिर व्यवस्था के सहयोगी रामशंकर यादव टिन्नू के कब्जे से केवल एक लाख रुपये ही मिले हैं। ऐसे में सबसे ज्यादा रिकवरी होने के कारण इस पूरी साजिश में अविनाश की भूमिका सबसे बड़ी मानी जा रही है।
कौशलपुरी के इसी ठिकाने पर होता था चोरी की रकम का बंटवारा
जांच में यह बात सामने आई है कि जिस कौशलपुरी इलाके में चोरी की धनराशि के बंटवारे का आरोप लग रहा है, वहां अविनाश अपने भाई अभिषेक के साथ रहता था। पुलिस को अविनाश के परिजनों से पूछताछ में कई ऐसे अहम साक्ष्य मिले हैं, जिसके आधार पर कोर्ट ने उसकी एक दिन की कस्टडी रिमांड मंजूर की है।
पुलिस सूत्रों का दावा है कि अब तक की जांच में यह साफ हुआ है कि सबसे ज्यादा नकदी अविनाश ही चुराता था। इसी वजह से उसके पास से सर्वाधिक धन मिला है। ट्रस्ट के कर्मचारियों ने पांच जून को ही उसके घर से भारी नकदी बरामद की थी, जिसका एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है।

