Parliament News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बुधवार को विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार से पहले मजबूरी के चलते आर्थिक सुधार किए जाते थे, लेकिन अब ‘संकल्प और प्रतिबद्धता’ के साथ यह किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देश ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर सवार होकर निरंतर आगे बढ़ रहा है। वित्त विधेयक, 2026 पर चर्चा का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने और 140 करोड़ नागरिकों की अकांक्षाओं को पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं।
विधेयक ध्वनिमत से पारित, विपक्ष के संशोधन खारिज
वित्त मंत्रीके जवाब के बाद सदन ने विपक्षी सदस्यों के संशोधनों को खारिज करते हुए वित्त विधेयक को ध्वनिमत से स्वीकृति प्रदान कर दी। सीतारमण ने कहा कि विश्वास आधारित कर व्यवस्था बनाने पर काम किया गया है, ताकि ईमानदार करदाताओं को कठिनाई न हो। उन्होंने कहा कि विपक्ष के कुछ सदस्यों ने जीवनयापन की सुगमता (ईज ऑफ लिविंग) और कारोबार की सुगमता (ईज ऑफ डूइंग बिजनेस) का मजाक बनाया, लेकिन सरकार इन दोनों पहलुओं पर लगातार आगे बढ़ रही है।
MSME, किसानों और सहकारिता क्षेत्र पर जोर
वित्त मंत्रीने कहा कि सरकार एमएसएमई, किसानों और सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बना रही है क्योंकि ये देश के विकास के लिए बहुत जरूरी हैं। वित्त विधेयक इन्हें सशक्त बनाने का प्रावधान करता है। भारत को वैश्विक व्यावसायिक केंद्र बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है। सीतारमण ने कहा कि इस वित्त विधेयक में मध्य वर्ग के लिए बहुत कुछ है।
17 जीवनरक्षक दवाओं को सीमाशुल्क से छूट
वित्त मंत्रीने बताया कि सरकार ने आम जनता की मदद के लिए 17 महत्वपूर्ण जीवनरक्षक दवाओं को बुनियादी सीमाशुल्क से छूट प्रदान की है। उन्होंने कहा कि उपकर और अधिभार के माध्यम से जितने राजस्व का संग्रह किया गया, उससे कहीं अधिक राज्यों को विभिन्न मदों में भेजा गया। सीतारमण ने सदन को बताया कि 17 अरब डॉलर डेटा सेंटर के निवेश के लिए उपयोग में लाया जा रहा है।
कांग्रेस सरकार पर निशाना, तमिलनाडु और बंगाल पर भी हमला
वित्त मंत्रीने कहा कि कांग्रेस के नेतृत्व वाली संप्रग सरकार ने तेल बॉन्ड जारी किए और मोदी सरकार उसे आज तक चुका रही है। तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले उन्होंने इन दोनों प्रदेशों की सरकारों पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक सरकार महिला विरोधी है, वहीं तृणमूल कांग्रेस की सरकार गरीबों के साथ अन्याय कर रही है।


