Uttar Pradesh News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कथित रूप से अमर्यादित टिप्पणी करने के आरोप में यूपी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अजय राय की मुश्किलें बढ़ गई हैं। महोबा पुलिस ने अजय राय और निवर्तमान प्रदेश सचिव ब्रजराज सिंह अहिरवार सहित करीब 30 कांगेस समर्थकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो बना केस का आधार
भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यसमिति सदस्य नीरज रावत की लिखित तहरीर पर महोबा शहर कोतवाली पुलिस ने यह त्वरित कार्रवाई की है। भाजपा नेताओं का दावा है कि सोशल मीडिया पर अजय राय का एक वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है। इस वीडियो में वह प्रधानमंत्री के लिए बेहद आपत्तिजनक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं।
इस विवादित वीडियो के सार्वजनिक होने के बाद से स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों में गहरा रोष देखा जा रहा है। कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय असल में एक नीट परीक्षार्थी और उसके परिवार से मिलने महोबा आए थे। आरोप है कि इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए कांग्रेस नेताओं ने कोई प्रशासनिक अनुमति नहीं ली थी।
बिना अनुमति चक्काजाम और कानून व्यवस्था बिगाड़ने का आरोप
पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिना इजाजत भारी भीड़ जुटाकर मुख्य सड़क को पूरी तरह बाधित कर दिया था। इस कारण शहर में चक्काजाम जैसी स्थिति बन गई। पुलिस ने कानून व्यवस्था को प्रभावित करने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप में भी मुकदमे को शामिल किया है।
महोबा कोतवाली पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी बीएनएस की धारा 126(2), 352, 196(1), 189(2) और धारा 132 के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। ये धाराएं गलत तरीके से रास्ता रोकने, शांति भंग करने के इरादे से अपमान करने और विभिन्न समूहों के बीच नफरत फैलाने से संबंधित हैं।
डिजिटल साक्ष्य के रूप में वीडियो पेनड्राइव में सुरक्षित
मामले की कानूनी तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए महोबा पुलिस ने सोशल मीडिया पर वायरल हुए मूल वीडियो को एक पेनड्राइव में साक्ष्य के रूप में सुरक्षित रख लिया है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक इस डिजिटल साक्ष्य की तकनीकी जांच की जा रही है। गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद आगे की कार्रवाई होगी।
Author: Ajay Mishra


