Jabalpur News: जबलपुर में लोकायुक्त पुलिस ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और बड़ी कार्रवाई की है। नागपुर-जबलपुर हाईवे के बरगी क्षेत्र में RTO आरक्षक श्वेता अहिरवार और उसके साथी मोहित साहू को 4500 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के निर्देश और पुलिस उप महानिरीक्षक मनोज सिंह के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ताप्रशांत दत्तात्रेय जाधव की 10 ट्रकों की काफिला नियमित रूप से मध्य प्रदेश से गुजरते हुए अन्य राज्यों तक माल ढुलाई करती है। 25 मार्च को जब उनका वाहन बरगी क्षेत्र से गुजर रहा था, तभी आरक्षक श्वेता अहिरवार और मोहित साहू ने वाहन रोककर 4500 रुपये की रिश्वत मांगी। सूचना मिलने पर लोकायुक्त टीम ने पहले सत्यापन किया और फिर योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। जैसे ही आरोपी रिश्वत लेते पकड़े गए, उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।
किन धाराओं में दर्ज हुआ केस?
दोनोंआरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 12, 13(1)B और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच में और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है। यह कार्रवाई उस समय हुई है जब भोपाल, उज्जैन और जबलपुर समेत कई जगहों पर लगातार ट्रैप कार्रवाई हो रही है।
ट्रांसपोर्टरों में राहत, सिस्टम पर सवाल
इस कार्रवाई केबाद ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों में राहत की भावना देखी जा रही है। लंबे समय से हाईवे पर ‘एंट्री के नाम पर वसूली’ की शिकायतें सामने आती रही हैं। अब सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ एक मामला है या बड़े नेटवर्क का हिस्सा और क्या हाईवे पर होने वाली वसूली पर अब पूरी तरह लगाम लगेगी। लोकायुक्त विभाग का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
लोकायुक्त की अपील: डरें नहीं, शिकायत करें
लोकायुक्त विभाग नेआम नागरिकों, ट्रांसपोर्टरों और ड्राइवरों से अपील की है कि अगर कोई अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत मांगता है, तो तुरंत शिकायत करें। इसके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन 1064 जारी की गई है। विभाग का कहना है कि सख्ती से ही भ्रष्टाचार पर रोक लग सकती है, लेकिन इसके लिए जरूरी है कि आम लोग आगे आकर शिकायत करें, तभी सिस्टम पूरी तरह साफ हो पाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।


