New Delhi News: झील से लेकर पड़पड़गंज गांव तक अतिक्रमण की समस्या विकराल रूप ले चुकी है। सड़क के आधे से अधिक हिस्से पर अवैध कब्जे के कारण यहां रोजाना लंबा जाम लगता है। गीता कालोनी और खुरेजी इलाके में स्थिति सबसे गंभीर है, जहां दुकानदारों ने अपना सामान और दोपहिया वाहन सड़क तक फैला रखे हैं। बाइक और स्कूटर बिक्री के लिए सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे मार्ग संकरा हो जाता है। इससे राहगीरों और स्थानीय निवासियों को भारी परेशानी हो रही है। लोगों का समय और ईंधन दोनों बर्बाद हो रहे हैं।
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई से अस्थायी राहत
स्थानीय लोगोंके अनुसार नगर निगम की टीम समय-समय पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करती है। लेकिन यह केवल अस्थायी समाधान साबित हो रहा है। जैसे ही टीम वापस लौटती है, अतिक्रमण फिर से शुरू हो जाता है। खुरेजी निवासी अमित ने बताया कि यदि जल्द निगम की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले समय में स्थिति और भी बिगड़ सकती है। प्रशासन की सख्ती और नियमित निगरानी ही इस समस्या का स्थायी हल निकाल सकती है। निगम अतिक्रमण करने वालों के चालान और सामान भी जब्त करता है, लेकिन यह कार्रवाई निरंतर नहीं होती।
बेसहारा पशु बन रहे हादसे और जाम का कारण
गीताकालोनी स्थित पंडित पार्क के पास आवारा पशुओं का आतंक है। इनकी वजह से आए दिन हादसे होते रहते हैं। करीब एक माह पहले बेसहारा पशुओं ने एक युवक को टक्कर मारकर घायल कर दिया था। ये पशु अचानक सड़क पर आ जाते हैं, जिससे जाम की स्थिति भी बन जाती है। स्थानीय लोगों ने कई बार निगम को लिखित में शिकायत दी है, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का कहना है कि अतिक्रमण और आवारा पशुओं की समस्या को देखते हुए प्रशासन को स्थायी उपाय करने चाहिए।
प्रशासन से स्थायी समाधान की मांग
स्थानीय निवासियोंने प्रशासन से इस समस्या के स्थायी समाधान की मांग की है। उनका कहना है कि बिना नियमित निगरानी के अतिक्रमण पर रोक लगाना संभव नहीं है। दुकानदारों को सड़क पर सामान रखने से रोकने और बेसहारा पशुओं को पकड़ने के लिए अभियान चलाने की आवश्यकता है। लोगों का कहना है कि निगम को चाहिए कि वह अतिक्रमण के खिलाफ अभियान को निरंतर जारी रखे और उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई करे। तभी इस समस्या से निजात मिल सकती है। फिलहाल स्थानीय लोग रोजाना जाम और असुविधाओं से जूझ रहे हैं।


