Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में कुदरत के मिजाज एक बार फिर डराने लगे हैं। पिछले कई दिनों की राहत के बाद मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और शिमला के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। अगले 48 घंटों के दौरान इन जिलों में 40 किलोमीटर की रफ्तार से अंधड़ चलने और बिजली गिरने की आशंका है। हालांकि, 18 मई से मौसम करवट लेगा और पूरे प्रदेश में भीषण गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा।
मौसम विज्ञान केंद्र शिमला के अनुसार शनिवार और रविवार को प्रदेश के मध्य और ऊंचे पहाड़ी क्षेत्रों में गरज के साथ बौछारें गिर सकती हैं। विभाग ने पर्यटकों और स्थानीय लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है। 17 मई को भी ऊंचाई वाले इलाकों में बादलों का डेरा रहेगा। लेकिन इसके बाद 21 मई तक आसमान पूरी तरह साफ रहने का अनुमान है, जिससे पारा तेजी से ऊपर चढ़ेगा।
गर्मी का टॉर्चर शुरू, 2 डिग्री चढ़ा औसत तापमान
पहाड़ों पर बारिश और बर्फबारी का दौर थमते ही अब सूरज की तपिश लोगों को सताने लगी है। बीते 24 घंटों में राज्य के औसत न्यूनतम तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस का उछाल दर्ज किया गया है। शिमला और मनाली जैसे ठंडे हिल स्टेशनों में भी अब रातें उतनी सर्द नहीं रही हैं। निचले इलाकों में उमस और गर्मी ने बेचैनी बढ़ा दी है। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में लू का प्रकोप भी बढ़ सकता है।
शुक्रवार को प्रदेश के तापमान आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति का केलांग 3.3 डिग्री के साथ सबसे ठंडा रहा। वहीं, मैदानी इलाकों में पारा सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। बिलासपुर में न्यूनतम तापमान 22 और पांवटा साहिब में 25 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शिमला में 16.0 और धर्मशाला में 13.9 डिग्री तापमान रिकॉर्ड हुआ। यह बदलाव संकेत दे रहा है कि अब पहाड़ों पर भी मई की गर्मी का असर दिखेगा।
खेती और बागवानी के नजरिए से यह मौसम काफी चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है। अचानक तापमान बढ़ने से फलों की सेटिंग पर असर पड़ सकता है। मौसम विभाग ने सलाह दी है कि किसान मौसम की सटीक जानकारी लेकर ही छिड़काव या अन्य कार्य करें। 18 मई के बाद खिली धूप से बर्फ पिघलने की रफ्तार भी तेज होगी, जिससे नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी संभव है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है।
आने वाले हफ्ते में सैलानियों की भारी भीड़ हिमाचल पहुंचने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार 18 से 21 मई के बीच मौसम पूरी तरह साफ रहेगा। यह समय ट्रेकिंग और कैंपिंग के लिए अनुकूल होगा। हालांकि, मैदानी जिलों जैसे ऊना, हमीरपुर और कांगड़ा में दोपहर के समय तपिश और लू जैसी स्थिति बन सकती है। लोगों को दोपहर के वक्त सीधे धूप में निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी गई है।

