महंगाई का ‘चौतरफा अटैक’: 48 घंटों में सोना, दूध और तेल की कीमतों में लगी आग, आम आदमी पस्त!

New Delhi News: देश में महंगाई ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। पिछले 48 घंटों के भीतर सोना-चांदी, दूध, पेट्रोल-डीजल और सीएनजी जैसी बुनियादी जरूरतों की कीमतों में भारी उछाल आया है। इसे ‘महंगाई का चौतरफा हमला’ कहा जा रहा है, जिसने मध्यम वर्गीय परिवारों के बजट को पूरी तरह बिगाड़ दिया है। सरकार द्वारा आयात शुल्क बढ़ाने और वैश्विक अस्थिरता के कारण जरूरी वस्तुओं के दाम आसमान छू रहे हैं।

महंगाई की शुरुआत सर्राफा बाजार से हुई, जहां सरकार ने सोने और चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दी। इस फैसले के बाद सोने की कीमतों में प्रति 10 ग्राम करीब 11,000 रुपये और चांदी में 22,000 रुपये प्रति किलो तक की ऐतिहासिक बढ़त देखी गई। ज्वेलरी खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों के लिए यह किसी बड़े झटके से कम नहीं है, जिससे शादी-ब्याह के सीजन में रौनक फीकी पड़ सकती है।

दूध और ईंधन की कीमतों ने रसोई का बजट बिगाड़ा

खाने-पीने की चीजों में सबसे अहम दूध की कीमतों में भी इजाफा हो गया है। देश की बड़ी डेयरी कंपनियों अमूल और मदर डेयरी ने पैकेज्ड दूध के दाम 2 रुपये प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। कंपनियों का कहना है कि पैकेजिंग और ट्रांसपोर्टेशन की लागत बढ़ने के कारण यह फैसला लेना पड़ा। नई दरें 14 मई 2024 से देशभर में लागू हो चुकी हैं, जिससे हर घर के मासिक खर्च में बढ़ोतरी होना तय है।

वहीं तेल कंपनियों ने 15 मई को पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये प्रति लीटर की बड़ी बढ़ोतरी कर दी। इस बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में पेट्रोल 97.77 रुपये और डीजल 90.67 रुपये प्रति लीटर के स्तर पर पहुंच गया है। मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे महानगरों में भी ईंधन की कीमतें बढ़ने से माल ढुलाई महंगी होगी। इसका सीधा असर आने वाले दिनों में सब्जियों और अनाज की कीमतों पर भी दिखने की आशंका है।

सीएनजी भी हुई महंगी, बढ़ेगा परिवहन का बोझ

महंगाई का यह सिलसिला यहीं नहीं थमा, अब सीएनजी (CNG) की कीमतों में भी 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी कर दी गई है। दिल्ली में सीएनजी अब 79.09 रुपये प्रति किलो और मुंबई में 84 रुपये प्रति किलो के भाव पर मिल रही है। सीएनजी महंगी होने से ऑटो और टैक्सी यूनियनों ने किरायों में बढ़ोतरी की मांग शुरू कर दी है, जिससे आम यात्रियों की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना निश्चित है।

लगातार बढ़ती इन कीमतों ने देशभर में चिंता का माहौल पैदा कर दिया है। कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव और स्थानीय करों में बदलाव को इस महंगाई की मुख्य वजह माना जा रहा है। आम आदमी अब सरकार की ओर देख रहा है कि शायद उन्हें इस ‘महंगाई डायन’ से बचाने के लिए कोई राहत पैकेज या टैक्स कटौती की घोषणा की जाए। फिलहाल, बाजार की स्थिति को देखते हुए राहत की उम्मीद कम ही नजर आती है।

Join our WhatsApp Channel and Get all Latest News Updates

Hot this week

Related Articles

Popular Categories