Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश की जनता पर महंगाई की दोहरी मार पड़ने वाली है। केंद्र सरकार द्वारा ईंधन की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद अब सुक्खू सरकार ने भी पेट्रोल और डीजल पर नए सेस की अधिसूचना जारी कर दी है। प्रदेश सरकार ने ‘हिमाचल प्रदेश मूल्य वर्धित कर (VAT) अधिनियम, 2005’ में संशोधन को अंतिम रूप दे दिया है। इस नए कानून के लागू होने से प्रदेश में तेल की कीमतें काफी बढ़ सकती हैं।
राज्य कर एवं आबकारी विभाग ने 14 मई 2026 को इस संबंध में सभी जोन को निर्देश जारी कर दिए हैं। विभाग के अतिरिक्त आयुक्त रविंद्र कुमार ने अधिसूचना की प्रतिलिपि भेजकर आवश्यक कार्रवाई करने को कहा है। नए संशोधन के तहत कानून में धारा 6-ए जोड़ी गई है। यह धारा सरकार को ईंधन पर अतिरिक्त उपकर वसूलने की शक्ति देती है। भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने दावा किया है कि सरकार ने पेट्रोल तीन रुपये महंगा कर दिया है।

अनाथ और विधवा कल्याण के नाम पर लगेगा नया उपकर
सुक्खू सरकार ने सामाजिक कल्याण के नाम पर इस नए टैक्स को ‘अनाथ एवं विधवा उपकर’ का नाम दिया है। इस कानून के तहत पेट्रोल और हाई स्पीड डीजल पर अधिकतम पांच रुपये प्रति लीटर तक उपकर लगाने का प्रावधान है। सरकार का तर्क है कि इस सेस से एकत्र होने वाली सारी धनराशि ‘अनाथ एवं विधवा कल्याण कोष’ में जाएगी। हालांकि, इस फैसले से आम आदमी की जेब पर सीधा और भारी बोझ पड़ने की पूरी आशंका है।
भाजपा ने इस अधिसूचना को पूरी तरह जनविरोधी करार दिया है। प्रदेश प्रवक्ता त्रिलोक कपूर ने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी आर्थिक विफलताओं को छिपाने के लिए जनता पर नए-नए टैक्स थोप रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावों से पहले बड़े वादे करने वाली सरकार अब राहत देने के बजाय महंगाई बढ़ा रही है। भाजपा के अनुसार बिजली, पानी और स्टांप ड्यूटी के बाद अब पेट्रोल-डीजल महंगा करना किसानों और मध्यम वर्ग के साथ अन्याय है।

ईंधन की कीमतों में होने वाली यह संभावित बढ़ोतरी ट्रांसपोर्टरों के लिए भी बड़ी चुनौती बनेगी। यदि भाजपा के दावे के अनुसार तीन रुपये राज्य का सेस और तीन रुपये केंद्र की बढ़ोतरी जुड़ती है, तो तेल छह रुपये महंगा होगा। इससे माल ढुलाई और सार्वजनिक परिवहन के किराये में भी वृद्धि तय मानी जा रही है। अब सबकी नजरें इस पर हैं कि इस अधिसूचना के बाद नई दरें प्रदेश में कब से प्रभावी ढंग से लागू होती हैं।


