Himachal Civic Polls: सुक्खू की साख और जयराम-अनुराग की चुनौती; क्या नगर निगम चुनाव बदलेंगे हिमाचल की सियासी हवा?

Himachal Pradesh: हिमाचल प्रदेश में शहरी निकाय चुनावों के लिए जारी घमासान अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार दोपहर तीन बजे चुनावी शोर थमने से पहले कांग्रेस और भाजपा ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत दिग्गजों ने प्रचार के आखिरी घंटों में मोर्चा संभाल लिया है। प्रदेश की चार प्रमुख नगर निगमों- सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला में कांटे की टक्कर मानी जा रही है।

चुनावी रणभेरी के बीच मुख्यमंत्री सुक्खू आज सोलन के गंज बाजार में विशाल जनसभा को संबोधित कर रहे हैं। कांग्रेस ने अपने मंत्रियों और संगठन के पदाधिकारियों को घर-घर प्रचार के काम में लगा दिया है। पार्टी के लिए ये चुनाव केवल निकाय की जंग नहीं, बल्कि सुक्खू सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर लगवाने का मौका है। कांग्रेस नेताओं को भरोसा है कि उनकी जनकल्याणकारी नीतियां इस चुनाव में पार्टी को बड़ी जीत दिलाएंगी।

दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर, 2027 का सेमीफाइनल?

दूसरी तरफ भाजपा की ओर से पूर्व केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर और नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मोर्चा संभाला हुआ है। अनुराग ठाकुर आज कांगड़ा-हमीरपुर मैत्री सभा में भाजपा उम्मीदवारों के पक्ष में हुंकार भरेंगे। भाजपा नेतृत्व इन चुनावों को राज्य सरकार के खिलाफ जनाक्रोश के तौर पर पेश कर रहा है। राजनीतिक विश्लेषक इन निकाय चुनावों को 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले दोनों दलों के लिए एक लिटमस टेस्ट (Political Test) के रूप में देख रहे हैं।

राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार शुक्रवार दोपहर तीन बजे के बाद रैली, जुलूस और लाउडस्पीकर पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। इसके बाद शनिवार को उम्मीदवार केवल व्यक्तिगत जनसंपर्क या ‘डोर-टू-डोर’ कैंपेन ही कर सकेंगे। आयोग ने शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। साथ ही चुनावी क्षेत्रों में आज दोपहर से ही ‘ड्राई-डे’ (Dry Day) घोषित कर दिया गया है, जो मतदान प्रक्रिया पूरी होने तक लागू रहेगा।

आंकड़ों की बात करें तो 51 शहरी निकायों के 439 पदों के लिए कुल 1147 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। कांगड़ा जिले में सबसे अधिक 218 प्रत्याशी मैदान में हैं, जबकि मंडी और शिमला में भी जबरदस्त उत्साह देखा जा रहा है। ये चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि नगर निगम की जंग सीधे पार्टी सिंबल पर लड़ी जा रही है। ऐसे में हार-जीत का सीधा असर दोनों बड़ी पार्टियों के सांगठनिक मनोबल पर पड़ेगा।

मतदान 17 मई को सुबह सात बजे से दोपहर तीन बजे तक होगा, जिसके बाद ईवीएम मशीनों को कड़ी सुरक्षा में रखा जाएगा। उम्मीदवारों के भविष्य का फैसला 31 मई को होने वाली मतगणना के दिन साफ होगा। इस बार शहरी मतदाताओं का रुझान किस ओर है, यह आने वाले कुछ दिनों में स्पष्ट हो जाएगा। प्रशासन ने शराब की बिक्री रोकने और चुनावी धांधली को रोकने के लिए आबकारी विभाग को विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए हैं।

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