HUDCO के मुनाफे में 172% का तगड़ा उछाल, फिर भी क्यों टूट गए शेयर? निवेशकों के मन में छिपी है ये बड़ी शंका

Mumbai News: शेयर बाजार में मल्टीबैगर रिटर्न देने वाले सरकारी पीएसयू स्टॉक हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (HUDCO) के निवेशकों के लिए पिछला कारोबारी सत्र काफी हलचल भरा रहा। कंपनी के शेयरों की कीमतों में अचानक 8 प्रतिशत की बड़ी गिरावट दर्ज की गई। हैरान करने वाली बात यह है कि यह गिरावट तब आई जब कंपनी ने अपने नेट प्रॉफिट में शानदार बढ़ोतरी की जानकारी दी थी। बाजार की सकारात्मक स्थिति के बावजूद निवेशकों की इस बेरुखी ने सबको चौंका दिया है।

हुडको (HUDCO) ने अपनी चौथी तिमाही के नतीजों में बताया कि कंपनी का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 172 प्रतिशत बढ़कर 1981 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह आंकड़ा मात्र 728 करोड़ रुपये था। हालांकि, इस भारी-भरकम मुनाफे के पीछे का असली गणित कुछ और ही है। विशेषज्ञों का कहना है कि कंपनी को मिले 1300 करोड़ रुपये के डेफर्ड टैक्स क्रेडिट की वजह से यह नेट प्रॉफिट इतना अधिक दिखाई दे रहा है, जो निवेशकों को खटक रहा है।

टैक्स से पहले के मुनाफे में आई भारी गिरावट

अगर टैक्स भुगतान से पहले के मुनाफे की बात करें, तो वहां तस्वीर थोड़ी धुंधली नजर आती है। हुडको का प्री-टैक्स प्रॉफिट (PBT) 39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 621 करोड़ रुपये रह गया है। यही वह मुख्य कारण है जिसकी वजह से बाजार ने नेट प्रॉफिट की चमक को नजरअंदाज कर दिया। निवेशकों को डर है कि मुख्य परिचालन से होने वाली आय में कमी आ रही है। हालांकि, कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू 25 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 3563 करोड़ रुपये जरूर रहा है।

कंपनी ने अपने तिमाही नतीजों के साथ-साथ निवेशकों के लिए 1.5 रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड का भी ऐलान किया है। इसके बावजूद शेयरों के प्रदर्शन में गिरावट का सिलसिला जारी रहा। पिछले 6 महीनों में हुडको के शेयरों में करीब 8 प्रतिशत की गिरावट आई है। वहीं, एक साल का ट्रैक रिकॉर्ड देखें तो यह स्टॉक 6 प्रतिशत तक गिर चुका है। पीएसयू शेयरों में चल रहे उतार-चढ़ाव ने भी इस स्टॉक की रफ्तार पर ब्रेक लगाने का काम किया है।

लंबी अवधि के निवेशकों के लिए अब भी है ‘मल्टीबैगर’

भले ही छोटी अवधि में शेयर की कीमतें गिर रही हों, लेकिन लंबी अवधि के पोर्टफोलियो में यह अब भी एक शानदार प्रदर्शन करने वाला स्टॉक बना हुआ है। पिछले तीन सालों में HUDCO के शेयरों ने अपने निवेशकों को 278 प्रतिशत का दमदार रिटर्न दिया है। वहीं, जिन निवेशकों ने इस सरकारी कंपनी को 5 साल से होल्ड किया है, उन्हें 359 प्रतिशत का मोटा मुनाफा हुआ है। यह सेंसेक्स के 55 प्रतिशत रिटर्न के मुकाबले कहीं अधिक प्रभावशाली है।

बाजार के जानकारों का मानना है कि इस समय हुडको के शेयरों में आई गिरावट एक ‘करेक्शन’ का हिस्सा हो सकती है। इंटरेस्ट इनकम में 26 प्रतिशत का इजाफा कंपनी की बुनियादी मजबूती को दर्शाता है। हालांकि, शेयर बाजार जोखिमों के अधीन है, इसलिए निवेशकों को किसी भी गिरावट में खरीदारी करने से पहले वित्तीय सलाहकार की मदद जरूर लेनी चाहिए। कंपनी का भविष्य सरकार की हाउसिंग और अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर नीतियों पर काफी हद तक निर्भर करेगा।

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