सोना-चांदी धड़ाम! एक ही दिन में ₹11,700 की ऐतिहासिक गिरावट, लेकिन पेट्रोल-डीजल ने बिगाड़ा खेल

New Delhi News: भारतीय सर्राफा बाजार में गुरुवार को एक बेहद चौंकाने वाला उलटफेर देखने को मिला है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर शुरुआती कारोबार के दौरान चांदी की कीमतों में करीब 11,700 रुपये प्रति किलो की भारी गिरावट दर्ज की गई। वहीं, सोने के दाम भी 2,000 रुपये से अधिक लुढ़क गए हैं। कीमती धातुओं में आई यह बड़ी गिरावट निवेशकों के लिए राहत लाई है, लेकिन दूसरी तरफ पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने जनता की चिंता बढ़ा दी है।

एमसीएक्स पर तीन जुलाई डिलीवरी वाली चांदी शुरुआती सत्र में लगभग 4 प्रतिशत तक टूट गई। चांदी का भाव 2,91,102 रुपये से गिरकर 2,79,458 रुपये प्रति किलो के स्तर पर पहुंच गया। बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव इतना अधिक था कि कीमतें संभल नहीं पाईं। सोने की बात करें तो जून डिलीवरी वाला सोना भी तेज गिरावट के साथ 1,59,946 रुपये प्रति 10 ग्राम तक फिसल गया, जिससे खरीदारों को बड़ी राहत मिली है।

सर्राफा बाजार में भी मची हलचल, कीमतें औंधे मुंह गिरीं

स्थानीय सर्राफा बाजारों में भी सोने और चांदी के दाम में बड़ी कटौती देखी गई है। गुड रिटर्न्स की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, 24 कैरेट शुद्ध सोना 2,240 रुपये सस्ता होकर 1,60,090 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया है। वहीं, आभूषण बनाने के काम आने वाला 22 कैरेट सोना भी 2,050 रुपये गिरकर 1,46,750 रुपये पर कारोबार कर रहा है। चांदी की कीमतों में भी खुदरा बाजार में करीब 10,000 रुपये की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है।

देश के विभिन्न शहरों में कीमतों में थोड़ा अंतर देखा जा रहा है। दिल्ली, लखनऊ, कानपुर और जयपुर जैसे शहरों में 24 कैरेट सोना 1,60,240 रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड कर रहा है। मुंबई और कोलकाता में इसकी कीमत 1,60,090 रुपये दर्ज की गई है। हालांकि, चेन्नई में सोना अब भी देश के अन्य हिस्सों के मुकाबले महंगा बना हुआ है। वहां 24 कैरेट गोल्ड की कीमत 1,63,090 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्च स्तर पर बनी हुई है।

ईंधन की कीमतों में उछाल ने बढ़ाई महंगाई की तपिश

सोने-चांदी की गिरावट के बीच आम आदमी के लिए एक बुरी खबर भी सामने आई है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 3 रुपये से ज्यादा की बढ़ोतरी कर दी है। इस वृद्धि के कारण माल ढुलाई और दैनिक आवागमन महंगा होने का डर सताने लगा है। विशेषज्ञों का मानना है कि कीमती धातुओं में आई गिरावट का लाभ तब तक नहीं मिलेगा, जब तक ईंधन की कीमतों पर नियंत्रण नहीं पाया जाता है।

बाजार के जानकारों का कहना है कि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और डॉलर की मजबूती के कारण सोने-चांदी की कीमतों में यह अस्थायी सुधार देखा जा रहा है। लेकिन पेट्रोल-डीजल की महंगाई मध्यम वर्गीय परिवारों के घरेलू बजट को सीधे तौर पर प्रभावित करेगी। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या सर्राफा बाजार में गिरावट का यह दौर जारी रहता है या अंतरराष्ट्रीय दबाव के चलते कीमतें एक बार फिर से उछाल मारती हैं।

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