Annamalai Resigns BJP: दक्षिण भारत में बीजेपी को लगा अब तक का सबसे बड़ा झटका, कद्दावर नेता के. अन्नामलाई ने दिया पार्टी से इस्तीफा

Tamil Nadu News: दक्षिण भारत की राजनीति से इस वक्त एक बेहद चौंकाने वाली बड़ी खबर सामने आ रही है। भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और तमिलनाडु के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने अचानक अपने पद से इस्तीफा देकर सबको हैरान कर दिया है।

अन्नामलाई के इस बड़े फैसले को तमिलनाडु में बीजेपी के लिए एक बहुत गहरा झटका माना जा रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने आधिकारिक तौर पर उनके इस त्यागपत्र को तत्काल प्रभाव से अपनी मंजूरी भी दे दी है।

पार्टी छोड़ने के तुरंत बाद के. अन्नामलाई ने मीडिया के सामने आकर अपने भविष्य की रणनीतियों का खुलासा किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि वे जल्द ही अपनी एक नई स्वतंत्र राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं। उन्होंने राज्य के लोगों से इस मुहिम में शामिल होने की खुली अपील की।

अन्नामलाई ने रखा ‘We The Leader’ अपने नए आंदोलन का नाम

पूर्व भाजपा नेता ने अपने भावी राजनीतिक संगठन को लेकर कई बेहद अहम और दिलचस्प जानकारियां मीडिया से साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनके इस नए जनांदोलन का नाम ‘We The Leader’ होगा। यह संगठन पूरी तरह से जनहित के बुनियादी मुद्दों पर ही केंद्रित रहेगा।

अन्नामलाई ने बताया कि इस आंदोलन से जुड़ने वाले नए सदस्यों को राजनीति और नैतिकता का विशेष पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए वे ‘APJ Abdul Kalam Ethics in Politics’ नाम की एक विशेष और आधुनिक संस्था भी बनाने जा रहे हैं जो युवाओं को लीडरशिप की ट्रेनिंग देगी।

इसके साथ ही उन्होंने यह भी साफ कर दिया कि जब यह आंदोलन औपचारिक रूप से राजनीतिक दल का रूप लेगा, तो उसमें एक खास नियम लागू होगा। इस दल में ‘टर्म लिमिट’ यानी कार्यकाल की कड़ी सीमा तय होगी ताकि परिवारवाद और वंशवादी राजनीति को रोका जा सके।

पीएम मोदी के लिए आदर रहेगा बरकरार, लेकिन मुद्दों पर नो समझौता

अन्नामलाई ने अपने बयान में आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लेकर उनके मन में हमेशा ही सर्वोच्च आदर रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी पूरी तरह स्पष्ट किया कि भविष्य में जनहित के किसी भी गंभीर मुद्दे पर वे किसी भी कीमत पर कोई समझौता नहीं करेंगे।

उन्होंने कहा कि यदि किसी विषय पर बीजेपी की नीतियों और उनके निजी विचारों में मतभेद होता है, तो वे पूरी मुखरता से जनता की आवाज उठाएंगे। उन्होंने याद दिलाया कि जब वे भाजपा में थे, तब भी उन्होंने थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी का पार्टी के भीतर कड़ा विरोध किया था।

अपने इस्तीफे के तरीके को लेकर अन्नामलाई ने कहा कि मैं उन पारंपरिक नेताओं में से बिल्कुल नहीं हूँ जो दूर बैठकर ईमेल या चिट्ठी के जरिए इस्तीफा भेज देते हैं। उन्होंने दिल्ली जाकर पर्सनली केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की और गरिमापूर्ण तरीके से अलग होने का फैसला किया।

Author: Harikarishan Sharma

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