Delhi News: उत्तर भारत में गर्मी इस बार अपने कड़े तेवर दिखा रही है। आसमान से बरसती आग और ऊपर से बिजली का बिल देखकर मध्यमवर्गीय परिवारों की एसी चलाने की हिम्मत नहीं होती। वहीं बाजार में मिलने वाले साधारण कूलर की हवा इतनी दमदार नहीं होती कि पूरे बड़े कमरे को तुरंत ठंडा कर सके।
ऐसे तपते मौसम में अगर आपसे कोई कहे कि घर पर ही एक ऐसा देसी कूलर बनाया जा सकता है जो 40 मीटर यानी करीब चार मंजिला इमारत जितनी दूरी तक बर्फ जैसी ठंडी हवा फेंक सके, तो शायद आपको यकीन नहीं होगा। लेकिन आप पुराने कबाड़ कूलर के सामान से ऐसा शक्तिशाली कूलर आसानी से बना सकते हैं।
जानिए आखिर कैसे काम करता है यह 40 मीटर की रेंज वाला शक्तिशाली कूलर
आमतौर पर घरों में इस्तेमाल होने वाले सामान्य कूलर में एक साधारण पंखे की मोटर लगी होती है, जो हवा को चारों तरफ फैलाकर फेंकती है। इसी वजह से हवा ज्यादा दूर तक नहीं जा पाती। लेकिन इस जुगाड़ू कूलर की तकनीक बिल्कुल अलग है, जो हवा को एक ही दिशा में फोकस करके बेहद तेज रफ्तार से फेंकती है।
सेंट्रीफ्यूगल ब्लोअर और पीवीसी पाइप की नोजल तकनीक का अनोखा कमाल
इस जादुई कूलर के अंदर एक खास ‘सेंट्रीफ्यूगल ब्लोअर’ का इस्तेमाल किया जाता है। इसके मुंह पर एक साधारण पीवीसी पाइप को नोजल की तरह फिट किया जाता है। जब ब्लोअर की हवा इस संकरे रास्ते से होकर गुजरती है, तो वह एक बेहद पतले और तेज झोंके का रूप ले लेती है जो काफी दूर तक जाती है।
कबाड़ हो चुके कूलर से नया वाटर कूलर बनाने के लिए जरूरी सामग्रियां
इसे बनाने के लिए जरूरी सामान आपको किसी भी नजदीकी हार्डवेयर या इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर बेहद सस्ते दामों में आसानी से मिल जाएंगे। आपको एक हाई आरपीएम मोटर (AC या DC), सेंट्रीफ्यूगल ब्लोअर ब्लेड, पीवीसी या डक्ट पाइप, बड़ा प्लास्टिक बॉक्स, कूलिंग पैड और एक पावर सप्लाई की जरूरत होगी।
घर पर रहकर स्टेप-बाय-स्टेप ऐसे तैयार करें अपना सुपरफास्ट कूलर
सबसे पहले एक बड़े प्लास्टिक कंटेनर के एक सिरे पर ब्लोअर के साइज का गोल छेद करें। अब हाई आरपीएम मोटर पर ब्लोअर ब्लेड लगाकर बॉक्स के अंदर मजबूती से फिट कर दें। इसके बाद बॉक्स के दूसरे मुंह पर पीवीसी पाइप को नोजल की तरह लगाएं ताकि हवा बिना किसी रुकावट के सीधे बाहर आ सके।
कूलिंग पैड का सही कनेक्शन और सुरक्षा के साथ करें वायरिंग
अब ब्लोअर के ठीक सामने यानी हवा के मुख्य रास्ते में हनीकॉम्ब कूलिंग पैड या कोई गीला मोटा कपड़ा व्यवस्थित रूप से रखें। इसके बाद मोटर को पावर सप्लाई या बैटरी से जोड़ दें। वायरिंग करते समय सुरक्षा का पूरा ध्यान रखें। अगर काम न आता हो, तो किसी अनुभवी बिजली मैकेनिक की मदद जरूर लें।
यह अनोखा और शक्तिशाली कूलर बड़े हॉलों, घर के खुले आंगन, गैरेज, छोटी वर्कशॉप या ढाबे जैसी जगहों के लिए एक बेहतरीन और कम लागत वाला परफेक्ट सॉल्यूशन है। यह कबाड़ को दोबारा इस्तेमाल में लाने का सबसे शानदार तरीका है, जिससे चिलचिलाती गर्मी में बिना भारी बिजली बिल के एसी जैसी ठंडक मिलती है।
Author: Mohit


