FSSAI Vegan Logo Mandatory: वीगन फूड्स बेचने वालों के लिए सरकार का बड़ा फरमान, पैकेट पर यह खास लोगो लगाना अब हुआ बेहद जरूरी

India News: देश में शुद्ध शाकाहारी यानी वीगन खाद्य उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता के बीच खाद्य नियामक संस्था ने बड़ा कदम उठाया है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण ने नए संशोधन नियमों को आधिकारिक तौर पर अधिसूचित कर दिया है। इसके तहत अब वीगन उत्पादों पर विशेष लोगो लगाना होगा।

प्राधिकरण ने सभी अनुमोदित वीगन खाद्य उत्पादों के पैकेट पर एक मानकीकृत ‘VEGAN’ लोगो लगाना अब पूरी तरह अनिवार्य कर दिया है। सरकार का यह नया नियम पूरे देश में 1 जुलाई 2027 से सख्त रूप से लागू कर दिया जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को काफी सुविधा होगी।

नए नियमों के मुताबिक किसी भी खाद्य उत्पाद को वीगन श्रेणी में बेचने से पहले कंपनियों को FSSAI से जरूरी मंजूरी लेनी होगी। इस आधिकारिक अनुमति के मिलने के बाद ही निर्माता उत्पाद की पैकेजिंग पर निर्धारित हरे रंग का विशिष्ट लोगो प्रदर्शित कर सकेंगे।

भ्रामक दावों पर लगेगी लगाम और बढ़ेगा भरोसा

नियामक संस्था का मानना है कि देश में एक समान लोगो लागू होने से आम उपभोक्ता असली वीगन उत्पादों की पहचान तुरंत कर सकेंगे। इससे बाजार में गलत या भ्रामक लेबलिंग की गुंजाइश खत्म होगी। यह नया कदम खाद्य व्यापार में पूरी पारदर्शिता लाने का काम करेगा।

खाद्य विशेषज्ञों के अनुसार यह नया फैसला देश के तेजी से उभरते प्लांट-बेस्ड फूड सेक्टर को नई मजबूती देगा। इसके साथ ही पैकेट पर सरकारी मुहर देखकर ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा। ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों ही बाजारों में अब शुद्धता की पहचान आसान हो जाएगी।

कंपनियों के लिए तय किए गए बेहद सख्त मानक

इस नई अधिसूचना में लोगो के रंग, आकार और उसकी पूरी बनावट से जुड़े कड़े तकनीकी मानक तय किए गए हैं। इस खास लोगो में हरे रंग का ‘V’ बना होगा। उसके ठीक ऊपर पौधे की एक कोंपल होगी और नीचे ‘VEGAN’ शब्द लिखना अनिवार्य होगा।

अब सभी निर्माता कंपनियों को इसी निर्धारित सरकारी डिजाइन का हूबहू पालन करना होगा। इस नियम के लागू होने से बाजार में केवल वही उत्पाद वीगन के नाम से बिकेंगे, जो सरकारी मानकों पर पूरी तरह खरे उतरेंगे। इससे मिलावटखोरों पर भी नकेल कसी जा सकेगी।

जानिए क्या होता है असली वीगन फूड

आम जनता के लिए यह समझना जरूरी है कि वीगन फूड आखिर क्या होता है। यह ऐसा खाना है जिसमें पशुओं से मिलने वाली कोई भी चीज शामिल नहीं होती। इसमें दूध, दही, घी, पनीर, अंडा, मांस और यहाँ तक कि शहद का भी इस्तेमाल नहीं किया जाता है।

यह पूरी तरह पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों जैसे फल, हरी सब्जियां, दालें, अनाज और ड्राई फ्रूट्स पर आधारित होता है। आजकल लोग अच्छी सेहत के लिए इसे अपना रहे हैं। इसमें कोलेस्ट्रॉल न के बराबर होता है और फाइबर की मात्रा बहुत अधिक पाई जाती है।

Author: Asha Thakur

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