Career News: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने इस साल एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा खत्म होते ही प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी है। जिन उम्मीदवारों को किसी सवाल या जवाब पर कोई आपत्ति है, वे 31 मई तक आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपनी चुनौती दर्ज करा सकते हैं।
इस बार की प्रारंभिक परीक्षा खत्म होने के बाद देश भर के लाखों कैंडिडेट्स ने शिकायत की थी कि पेपर बहुत ज्यादा कठिन और पेचीदा था। कई बड़े कोचिंग एक्सपर्ट्स ने भी इस बात को स्वीकार किया था। अब इस पूरे विवाद पर खुद यूपीएससी के चेयरमैन अजय कुमार का बेहद महत्वपूर्ण बयान सामने आया है।
यूपीएससी के चेयरमैन अजय कुमार ने साफ तौर पर माना कि इस बार का प्रीलिम्स पेपर वाकई काफी टफ और चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म लिंक्डइन पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इस बार तुरंत प्रोविजनल आंसर-की जारी करने का मुख्य उद्देश्य छात्रों को परीक्षा के प्रति अधिक स्पष्टता देना है।
चेयरमैन ने खोले राज, बताया कहां से बने थे सवाल
चेयरमैन अजय कुमार ने यूपीएससी प्रीलिम्स का पेपर तैयार करने में उपयोग किए गए असली सोर्स का भी बड़ा खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के अधिकांश उत्तर प्रामाणिक स्टैंडर्ड टेक्स्टबुक, सरकारी वेबसाइट्स, सरकार की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों (PIB) और देश के प्रतिष्ठित समाचार पत्रों पर ही पूरी तरह आधारित हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ये सभी वही मुख्य और भरोसेमंद सोर्स हैं, जिन पर देश का हर गंभीर उम्मीदवार अपनी तैयारी के दौरान भरोसा करता है। इसके साथ ही छात्रों के पास 31 मई की शाम 6 बजे तक वेबसाइट upsconline.nic.in पर उपलब्ध ‘प्रश्न पत्र आपत्ति पोर्टल (QPRep)’ के जरिए चुनौती देने का मौका है।
विशेषज्ञों की टीम करेगी सभी आपत्तियों की समीक्षा
उम्मीदवारों से प्राप्त होने वाली सभी आपत्तियों की यूपीएससी के शीर्ष विशेषज्ञों की एक विशेष टीम द्वारा व्यापक और गहन समीक्षा की जाएगी। इसी समीक्षा के आधार पर मुख्य रिजल्ट तैयार होगा। फाइनल रिजल्ट घोषित होने के बाद ही आयोग द्वारा अंतिम संशोधित आंसर-की आधिकारिक तौर पर जारी की जाएगी।
बता दें कि इस साल यूपीएससी सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 24 मई को आयोजित की गई थी। इस बेहद प्रतिष्ठित परीक्षा के लिए देश भर से 8.19 लाख से अधिक कैंडिडेट्स ने अपना रजिस्ट्रेशन कराया था। हालांकि, कड़े मुकाबले के बीच परीक्षा में लगभग 5.49 लाख उम्मीदवार ही असल में शामिल हुए थे।
जानिए किस विषय से पूछे गए थे कितने प्रश्न
विभिन्न कोचिंग एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इस बार प्रीलिम्स के जीएस पेपर में इतिहास और कला एवं संस्कृति से कुल 20 प्रश्न पूछे गए थे। इसके अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था से 19 प्रश्न, साइंस एंड टेक्नोलॉजी से 18 प्रश्न, भूगोल से 13 प्रश्न, पर्यावरण से 11 प्रश्न और भारतीय राजनीति एवं शासन से 8 प्रश्न आए थे।
यूपीएससी की इस प्रारंभिक परीक्षा में जो भी कैंडिडेट्स कट-ऑफ पार करके पास होंगे, वे मुख्य (मेंस) परीक्षा में बैठने के हकदार बनेंगे। यूपीएससी मेंस परीक्षा 2026 का आयोजन 21 अगस्त से किया जाएगा। इसमें सफलता पाने वाले छात्र जनवरी से अप्रैल 2027 के बीच होने वाले फाइनल इंटरव्यू के लिए चुने जाएंगे।
Author: Rashmi Sharma

