Lucknow News: मानसून दस्तक देने को पूरी तरह तैयार है। मौसम विभाग के मुताबिक जून के तीसरे सप्ताह से उत्तर प्रदेश में मानसूनी गतिविधियां तेजी से बढ़ने की उम्मीद है। महीने के अंत तक अधिकांश जिलों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो जाएगा जिससे मौसम बेहद खुशनुमा हो जाएगा।
बारिश का मौसम आते ही हवा में नमी का स्तर बहुत ज्यादा बढ़ जाता है। बंद अलमारियों में वेंटिलेशन न होने के कारण कपड़ों, बैग्स और जूतों में फफूंदी, सीलन और बदबू की समस्या परेशान करने लगती है। इस जिद्दी फंगस से बचने के लिए मानसून आने से पहले ही तैयारी करना जरूरी है।
हवा की नमी और बंद अलमारियां बढ़ा देती हैं फंगस का खतरा
बरसात के दिनों में वातावरण में ह्यूमिडिटी का ग्राफ अचानक ऊपर चला जाता है। ऐसे में यदि गलती से भी हल्के गीले या पसीने वाले कपड़े अलमारी में रख दिए जाएं, तो फंगस तेजी से पनपने लगती है। खासकर चमड़े (Leather) से बने सामान में नमी बहुत जल्दी जमा होती है जिससे वे खराब हो जाते हैं।
चमत्कारी सिलिका जेल और नीम की सूखी पत्तियां हैं बेहद कारगर
नए जूतों, बैग्स या इलेक्ट्रॉनिक सामान के डिब्बों में मिलने वाले छोटे सिलिका जेल पैकेट्स अतिरिक्त नमी को सोखने में लाइफ सेवर साबित होते हैं। इन्हें अलमारी के कोनों में डाल दें। इसके अलावा अलमारी के रैक में नीम की सूखी पत्तियां रखने का पुराना देसी तरीका कीड़ों और फंगस को दूर रखता है।
कपूर और बेकिंग सोडा चुटकियों में सोख लेंगे कपड़ों की सीलन
अगर आप कपड़ों को फंगस से बचाना चाहते हैं, तो एक छोटी कटोरी या सूती कपड़े की पोटली में कपूर के कुछ टुकड़े रखकर अलमारी में रख दें। यह नमी के साथ आ रही सीलन को सोख लेता है। साथ ही एक खुली कटोरी में बेकिंग सोडा रखने से भी अलमारी की दुर्गंध और सीलन तुरंत गायब हो जाती है।
लौंग और सूखे लैवेंडर के पाउच से महक उठेगी पूरी अलमारी
बरसात के दिनों में कपड़ों से आने वाली अजीब सी सड़ांध को दूर करने के लिए लौंग या सूखे लैवेंडर के छोटे पाउच बनाकर कपड़ों के बीच छुपा दें। यह प्राकृतिक तरीका कपड़ों में लंबे समय तक ताजगी और बेहतरीन खुशबू बनाए रखता है। ध्यान रखें कि बेकिंग सोडा को समय-समय पर बदलते रहें।
Author: Shilla Bhatia


