Delhi News: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को विश्व पर्यावरण दिवस के खास मौके पर देशवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में सरकार के निरंतर प्रयासों से देश का हरित क्षेत्र काफी बढ़ा है। इसके साथ ही कई दुर्लभ वन्य जीव प्रजातियों की आबादी में भी रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज हुई है।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर देश के नागरिकों की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि जनता के सामूहिक प्रयासों, बेहतर नीतियों और आधुनिक विज्ञान में भरोसे से यह बदलाव मुमकिन हुआ है। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के प्रति समर्पित सभी लोगों के कार्यों को दिल से सराहा।
प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि यह दिन हमें प्रकृति की रक्षा करने की याद दिलाता है। उन्होंने सतत विकास को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया। पीएम ने कहा कि प्रकृति का संरक्षण केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हमारी पुरानी संस्कृति का हिस्सा है।
ग्रेट इंडियन बस्टर्ड और चीतों के संरक्षण को मिली नई ताकत
प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि पिछले दशक में केंद्र सरकार ने प्रकृति संरक्षण के लिए कई योजनाएं चलाई हैं। भारत के लोग देश की अनूठी जैविक विविधता पर बहुत गर्व करते हैं। हमारे विविध पारिस्थितिक तंत्र अनगिनत दुर्लभ वन्यजीवों और स्थानीय आजीविका का मुख्य आधार बने हुए हैं।
विशेष संरक्षण के क्षेत्रों में भारत के प्रयासों को वैश्विक स्तर पर सराहना मिल रही है। सरकार ने ग्रेट इंडियन बस्टर्ड, हिम तेंदुए, स्लॉथ बियर और चीतों को बचाने के लिए कड़े कदम उठाए हैं। इस निरंतर प्रतिबद्धता ने वन्यजीवों और उनके पूरे पारिस्थितिक तंत्र को दोबारा बहाल किया है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान से बढ़ा देश का वन क्षेत्र
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की ‘एक पेड़ मां के नाम’ जैसी लोकप्रिय मुहिम रंग ला रही है। इस बेहतरीन पहल ने देश में हर साल करीब 1.19 लाख हेक्टेयर वन क्षेत्र जोड़ने में बड़ी भूमिका निभाई है। इससे देश के बड़े हिस्से में हरियाली वापस लौटी है।
भारत सरकार ‘एक पृथ्वी, एक परिवार और एक भविष्य’ के वैश्विक सिद्धांत पर काम कर रही है। देश ‘मिशन लाइफ’ की मूल भावना के माध्यम से एक स्वच्छ, हरित और अधिक टिकाऊ ग्रह बनाने की दिशा में आगे भी लगातार काम करता रहेगा ताकि आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रहें।
जानिए क्यों मनाया जाता है हर साल विश्व पर्यावरण दिवस
दुनिया भर में हर साल 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाना है। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम के तहत साल 1973 में पहली बार इस वैश्विक दिवस को मनाने की घोषणा की गई थी।
यह पर्यावरण संबंधी वैश्विक मुद्दों पर जन जागरूकता फैलाने का दुनिया का सबसे बड़ा मंच बन चुका है। साल 2026 में इस खास अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम की मेजबानी अजरबैजान देश कर रहा है। पूरी दुनिया के लाखों लोग इस मुहिम से जुड़कर धरती को बचाने का संकल्प ले रहे हैं।
Author: Harikarishan Sharma


