हिमाचल निकाय चुनाव में मंडी से भाजपा की तेज शुरुआत, धर्मशाला-पालमपुर के नतीजों ने अब बढ़ाया सस्पेंस

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश के चार नगर निगमों सोलन, मंडी, पालमपुर और धर्मशाला में मतगणना शुरू होते ही शुरुआती रुझान आने लगे हैं। मंडी नगर निगम में भाजपा ने शुरुआती बढ़त बना ली है। अब तक आए पांच वार्डों के नतीजों में भाजपा तीन, कांग्रेस एक और निर्दलीय एक सीट जीत चुके हैं।

राज्य में आज नगर निगमों के साथ 250 जिला परिषद और 1,684 पंचायत समिति वार्डों की मतगणना भी हो रही है। 17 मई को नगर निगमों के लिए मतदान हुआ था, जबकि पंचायत चुनाव तीन चरणों में कराए गए। सुबह नौ बजे गिनती शुरू होते ही मंडी, पालमपुर और धर्मशाला से अपडेट आने लगे।

मंडी में भाजपा ने बनाई शुरुआती मजबूत बढ़त

मंडी नगर निगम में भाजपा ने शुरुआती पांच नतीजों में बढ़त दिखा दी है। वार्ड नंबर दो पुरानी मंडी से भाजपा की सरिता हांडा सिर्फ दो वोटों से जीतीं। वार्ड नंबर तीन पड्डल से भाजपा की निर्मला विजयी रहीं। वार्ड नंबर पांच मंगवाई से भाजपा की कृष्णा ठाकुर ने जीत दर्ज की।

कांग्रेस को मंडी के वार्ड नंबर चार नेला से राहत मिली है। यहां नर्वदा मोहन ने 127 वोटों से जीत हासिल की। इस परिणाम ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को कुछ राहत दी है। हालांकि शुरुआती तस्वीर में भाजपा बढ़त पर दिख रही है। नगर निगम की सत्ता का अंतिम समीकरण बाकी वार्डों के नतीजों पर निर्भर करेगा।

मंडी के वार्ड नंबर एक खलियार से निर्दलीय अलकनंदा हांडा ने जीत दर्ज की है। भाजपा के रणवीर सिंह दूसरे स्थान पर रहे। कांग्रेस के अधिकृत प्रत्याशी परवीन ठाकुर चुनाव हार गए। परवीन ठाकुर पूर्व मंत्री कौल सिंह ठाकुर के भतीजे हैं। इस सीट ने स्थानीय राजनीति में बड़ा संदेश दिया है।

धर्मशाला और पालमपुर से भी आए नतीजे

धर्मशाला नगर निगम में शुरुआती अपडेट ने भाजपा को उत्साह दिया है। वार्ड नंबर एक फरसेटगंज से भाजपा प्रत्याशी रेखा ने जीत हासिल की। महिला आरक्षित वार्ड में कांग्रेस प्रत्याशी हिमांशी को 216 वोट मिले, जबकि भाजपा की रेखा को 263 मत मिले। नौ मतदाताओं ने नोटा का विकल्प चुना।

धर्मशाला में पूर्व मेयर की हार ने मुकाबले को और रोचक बना दिया है। शुरुआती रिपोर्टों में भाजपा का प्रभाव दिख रहा है। कई वार्डों में मुकाबला सीधे भाजपा और कांग्रेस के बीच है। नगर निगम धर्मशाला का परिणाम कांगड़ा जिले की शहरी राजनीति के लिए अहम माना जा रहा है।

पालमपुर नगर निगम से कांग्रेस के लिए अच्छी शुरुआत हुई है। वार्ड नंबर एक लोहना से कांग्रेस उम्मीदवार इंद्रपाल जीते। उन्हें 858 वोट मिले और करीब 200 वोटों से जीत हासिल हुई। वार्ड नंबर दो से कांग्रेस की राधा सूद विजयी रहीं। पालमपुर में शुरुआती रुझानों ने कांग्रेस का मनोबल बढ़ाया है।

मतगणना केंद्रों पर कड़ी निगरानी और सुरक्षा

मंडी जिला प्रशासन ने मतगणना के लिए 15 केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों पर 265 टीमों के जरिए 1,349 कर्मचारी तैनात किए गए हैं। कुल 241 टेबलों पर गिनती का काम चल रहा है। डीसी मंडी अपूर्व देवगन के अनुसार, सभी कर्मचारियों को पहले ही प्रशिक्षण दिया गया था।

नगर निगम मंडी की मतगणना वल्लभ कॉलेज मंडी में हो रही है। यहां 14 वार्डों के लिए 15 टीमों में 125 कर्मचारी लगाए गए हैं। 13 टेबलों पर ईवीएम से मतगणना की जा रही है। ईवीएम आधारित नतीजे जल्दी आने की उम्मीद है, इसलिए नगर निगम की तस्वीर पहले साफ होगी।

जिला परिषद और बीडीसी सदस्यों की गिनती लंबी प्रक्रिया मानी जा रही है। मंडी जिले में इनके लिए 14 अलग केंद्र बनाए गए हैं। 250 टीमों के माध्यम से 1,224 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। 228 टेबलों पर गिनती पूरी होने के बाद नतीजे प्रशासनिक मंजूरी के लिए भेजे जाएंगे।

पंचायत चुनाव में रिकॉर्ड मतदान ने बढ़ाई दिलचस्पी

हिमाचल के पंचायत चुनावों में मतदाताओं ने इस बार मजबूत उत्साह दिखाया। तीनों चरणों में 81 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज हुआ। तीसरे चरण में भी 80 प्रतिशत से ज्यादा वोटिंग हुई। सिरमौर और कुल्लू में मतदान 85 प्रतिशत तक पहुंचा, जबकि लाहौल-स्पीति में 71 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।

महिला मतदाताओं की भागीदारी भी चर्चा में रही। नौ जिलों में महिलाओं ने पुरुषों से अधिक मतदान किया। सिरमौर महिला मतदान में सबसे आगे रहा, जहां 86 प्रतिशत महिलाओं ने वोट डाले। सिरमौर की भाटगढ़ पंचायत में 95 प्रतिशत मतदान दर्ज हुआ। इस रिकॉर्ड ने ग्रामीण नतीजों को और दिलचस्प बना दिया है।

कांगड़ा में पंचायती राज चुनाव का अंतिम चरण शांतिपूर्ण रहा। जिले की 277 ग्राम पंचायतों में करीब 70 प्रतिशत मतदान हुआ। प्रशासन ने बताया कि बड़ा भंगाल जैसी दुर्गम पंचायत में भी मतदान सफल रहा। जिला परिषद के 54 वार्डों की गिनती 18 ब्लॉक मुख्यालयों पर कराई जा रही है।

मतगणना केंद्रों पर डबल टियर सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। बिना पास के प्रवेश पर रोक है। मोबाइल फोन, वीडियो कैमरा और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को भीतर ले जाने की अनुमति नहीं है। प्रत्याशियों और अधिकृत एजेंटों की मौजूदगी में गिनती चल रही है। प्रशासन पारदर्शिता पर जोर दे रहा है।

चारों नगर निगमों के नतीजे प्रदेश की शहरी राजनीति की दिशा तय करेंगे। मंडी में भाजपा की बढ़त, पालमपुर में कांग्रेस की शुरुआत और धर्मशाला की शुरुआती तस्वीर ने मुकाबले को खुला रखा है। सोलन के परिणाम भी सत्ता और विपक्ष के दावों को नई ताकत दे सकते हैं।

Author: Sunita Gupta

Hot this week

Shimla Secretariat News: नए सीएम कार्यालय के लिए सचिवालय में बड़ा बदलाव, अस्थायी दफ्तर से चलेगा कामकाज

Shimla News: हिमाचल प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री कार्यालय के...

Related Articles

Popular Categories