Budaun News: उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में शुक्रवार को एक बड़ा सियासी विवाद खड़ा हो गया। बीजेपी नेता दुर्विजय सिंह शाक्य के रोड शो से लगे भारी ट्रैफिक जाम के कारण यूपी टीईटी के कई कैंडिडेट्स समय पर एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच सके। इस वजह से दूसरी शिफ्ट में कई स्टूडेंट्स का महत्वपूर्ण पेपर छूट गया है।
लोकल एडमिनिस्ट्रेशन ने इस गंभीर समस्या को स्वीकार करके कहा कि कुछ कैंडिडेट्स ट्रैफिक जाम की वजह से समय पर सेंटर नहीं पहुंच पाए। प्रशासन ने भरोसा दिया है कि वह स्टेट गवर्नमेंट को एक ऑफिशियल लेटर लिखकर इन सभी प्रभावित कैंडिडेट्स को फिर से एग्जाम देने की विशेष परमिशन मांगेगा, ताकि उनके साथ पूरा न्याय हो सके।
बिना परमिशन निकाला गया बीजेपी नेता का रोड शो
डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट अविनाश कुमार राय ने स्पष्ट किया कि भारी बारिश और बीजेपी नेता के वीआईपी मूवमेंट ने ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह से बिगाड़ दिया। उन्होंने बताया कि हम स्टेट गवर्नमेंट से संपर्क करके प्रभावित स्टूडेंट्स को एक और चांस दिलाने का पूरा प्रयास जरूर करेंगे। प्रशासन अब इस मामले की रिपोर्ट बनाकर राज्य सरकार को सीधे भेजेगा।
जब डीएम से मीडिया ने इस रोड शो की लीगल परमिशन के बारे में सवाल किया, तो उन्होंने बेहद चौंकाने वाला जवाब दिया। डीएम ने साफ कहा कि उनकी जानकारी में इस राजनीतिक प्रोग्राम के लिए प्रशासन से कोई ऑफिशियल परमिशन नहीं ली गई थी। बिना परमिशन रोड शो निकालने पर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
यूपी टीईटी की दूसरी शिफ्ट में बढ़े एब्सेंट कैंडिडेट्स
एग्जाम के ऑफिशियल डेटा के अनुसार, पहली शिफ्ट में कुल पांच हजार छह सौ उनतालीस कैंडिडेट्स में से चार हजार आठ सौ पचहत्तर उपस्थित रहे। इस दौरान सिर्फ सात सौ चौंसठ कैंडिडेट्स एब्सेंट थे। लेकिन दूसरी शिफ्ट के दौरान अनुपस्थित रहने वाले छात्रों का ग्राफ अचानक काफी तेजी से ऊपर की तरफ बढ़ गया, जो बेहद चिंताजनक है।
दूसरी शिफ्ट में पांच हजार छह सौ उनतालीस कैंडिडेट्स में से केवल चार हजार चार सौ पचपन ही एग्जाम दे सके। इस दौरान एक हजार एक सौ चौरासी स्टूडेंट्स एब्सेंट रहे। इसका सीधा मतलब है कि पहली शिफ्ट के मुकाबले दूसरी शिफ्ट में चार सौ बीस ज्यादा कैंडिडेट्स एग्जाम सेंटर नहीं पहुंच सके और परीक्षा से चूक गए।
एक प्रभावित महिला कैंडिडेट ने निराश होकर संवाददाताओं से अपनी परेशानी साझा की। उसने बताया कि बीजेपी नेता के रोड शो के कारण वह करीब डेढ़ घंटे तक ट्रैफिक जाम में फंसी रही। इसके चलते वह अपने एग्जाम सेंटर तक सही समय पर एंट्री नहीं ले सकी और उसका करियर पूरी तरह से अब दांव पर लग गया है।
उस महिला कैंडिडेट ने जानकारी दी कि उसका एग्जाम सेंटर नैनीताल रोड पर स्थित एक इंटर कॉलेज में था। उसके साथ ऑटो में सफर कर रही दो अन्य फीमेल कैंडिडेट्स का भी यूपी टीईटी का पेपर छूट गया। इस ट्रैफिक भीड़ में आठ से दस और महिला कैंडिडेट्स फंसी थीं, जो अब री-एग्जाम की मांग कर रही हैं।
सपा सांसद आदित्य यादव ने राज्य सरकार को घेरा
समाजवादी पार्टी के सांसद आदित्य यादव ने इस बड़ी लापरवाही पर स्टेट गवर्नमेंट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सरकार पर युवाओं के करियर को खतरे में डालने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने डिमांड की है कि इस पूरे मामले की फेयर इन्वेस्टिगेशन हो और प्रभावित कैंडिडेट्स को एग्जाम देने का एक और बिल्कुल सही मौका दिया जाए।
सांसद यादव ने सरकार से सख्त अपील की है कि भविष्य में किसी भी बड़े कॉम्पिटिटिव एग्जाम के दिन राजनेताओं के पब्लिक प्रोग्राम की परमिशन न दी जाए। वहीं, सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस अंकिता शर्मा ने स्पष्ट किया कि भारी बारिश और ओवरब्रिज की मेंटेनेंस के कारण शहर का ट्रैफिक पहले से ही काफी डिस्टर्ब चल रहा था।
गंभीर आरोपों के बाद बीजेपी नेता शाक्य की सफाई
इन सभी गंभीर आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बीजेपी नेता शाक्य ने अपना पक्ष भी मजबूती से रखा। उन्होंने कहा कि यह बिल्कुल गलत है कि केवल उनके रोड शो के कारण एग्जाम देने वाले कैंडिडेट्स परेशान हुए। शाक्य के अनुसार वह पहली शिफ्ट शुरू होने के बाद सुबह करीब पौने ग्यारह बजे अपने घर से बाहर निकले थे।
उत्तर प्रदेश के कुल साठ जिलों में बने नौ सौ पचपन अलग-अलग सेंटर्स पर दो से चार जुलाई तक शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित हो रही है। इस अहम कॉम्पिटिटिव एग्जाम में राज्य भर से लगभग बीस लाख कैंडिडेट्स हिस्सा ले रहे हैं, जो प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में टीचर बनने का बड़ा सपना लंबे समय से देख रहे हैं।

