Patna News: पटना के कोचिंग जगत में चल रहे विवाद ने एक बेहद दुखद मोड़ ले लिया है। ज्ञान बिंदु कोचिंग के संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की नेपाल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है। विराटनगर के एक होटल से उनका शव बरामद होने के बाद से बिहार में सियासी हलचल तेज हो गई है।
प्रिंस यादव की मौत के मामले में बिहार सरकार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने खान सर उर्फ फैजल खान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। तेज प्रताप ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए सीधे तौर पर खान सर पर शक जताया है। उनके इस बयान ने कोचिंग विवाद को एक नए राजनीतिक मोड़ पर लाकर खड़ा कर दिया है।
क्या है तेज प्रताप यादव का आरोप?
तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बात करते हुए दावा किया कि प्रिंस यादव की मौत के पीछे खान सर का हाथ हो सकता है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति खुद पर हमला करवाने की साजिश रचने में सक्षम है, वह ऐसी घटनाओं को अंजाम दे सकता है। हालांकि, तेज प्रताप ने अपने इन आरोपों के समर्थन में अभी तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं किए हैं।
दूसरी ओर, खान सर ने भी एक वीडियो जारी कर अपनी सफाई पेश की है। उन्होंने अपने ऊपर लग रहे सभी आरोपों को बेबुनियाद बताया है। वहीं, प्रिंस यादव के साथ होटल में ठहरे साथियों का कहना है कि वह लंबे समय से बीमार थे और अधिक मात्रा में दवाओं का सेवन करते थे, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी होगी।
पटना कोचिंग विवाद का इतिहास
यह पूरा मामला 2 जून को पटना के कदमकुआं में हुई फायरिंग की घटना से शुरू हुआ था। उस समय ज्ञान बिंदु कोचिंग के सुरक्षाकर्मियों पर खान ग्लोबल एकेडमी की ओर से फायरिंग का आरोप लगा था। इस मामले में रौशन आनंद, उनके भाई प्रिंस यादव और अन्य के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
जांच के दौरान एक वायरल वीडियो ने पूरे केस की दिशा ही बदल दी। वीडियो में कथित तौर पर खान सर के सुरक्षाकर्मी फायरिंग करते दिखाई दिए, जिसके बाद फैजल खान के खिलाफ भी FIR दर्ज की गई। हाल ही में रौशन आनंद को 12 दिन बाद जेल से जमानत मिली है, और अब प्रिंस की मौत ने पुराने जख्म फिर से ताजा कर दिए हैं।
Author: Amit Yadav

