कोटा में दरा घाटी के पास अंडरपास निर्माण के दौरान बड़ा हादसा, अचानक मिट्टी धंसने से एलएंडटी कंपनी के दो इंजीनियरों की मौत

Rajasthan News: कोटा-झालावाड़ मार्ग पर स्थित दरा घाटी में एक बड़ा और बेहद दर्दनाक हादसा सामने आया है। यहाँ रेलवे अंडरपास निर्माण के दौरान अचानक मिट्टी धंसने से दो होनहार इंजीनियरों की असमय मौत हो गई। इस अचानक हुई भीषण घटना से पूरे प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया है।

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हादसे की भयावहता को देखते हुए आपदा प्रबंधन दल को तुरंत राहत कार्य के लिए बुलाया गया। रेस्क्यू टीम ने काफी मशक्कत के बाद भारी मात्रा में मलबा हटाकर दोनों दबे हुए इंजीनियरों को बाहर निकाला। हालांकि इनमें से एक इंजीनियर की सांसें मौके पर ही थम चुकी थीं।

आपदा प्रबंधन के सदस्यों ने दूसरे इंजीनियर को बेहद गंभीर हालत में मलबे से बाहर निकाला। रेस्क्यू टीम ने बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद इलाज के दौरान इस दूसरे इंजीनियर ने भी दम तोड़ दिया।

लार्सन एंड टर्बो कंपनी के कर्मचारी थे दोनों मृत इंजीनियर

प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत अंडरपास निर्माण का काम देश की जानी-मानी कंपनी लार्सन एंड टर्बो (L&T) कर रही है। इस दर्दनाक हादसे में अपनी जान गंवाने वाले दोनों ही मृतक इंजीनियर इसी प्राइवेट कंपनी के अधिकृत कर्मचारी थे।

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कनवास के एसडीएम बाबूलाल मीणा ने इस दुःखद हादसे की पुष्टि करते हुए घटनाक्रम की पूरी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दरा घाटी के नजदीक काफी समय से रेलवे अंडरपास का निर्माण कार्य प्रगति पर है। निर्माण स्थल पर रोजाना की तरह काम चल रहा था।

तभी अचानक साइट पर काम खत्म होने के बाद सभी स्थानीय मजदूर अपने-अपने घरों के लिए रवाना हो गए। मजदूरों के जाने के बाद वहां तैनात इंजीनियर पवन कुमार झा और उनके साथी प्रभात सिंह रोजाना की तरह निर्माण स्थल का अंतिम सुरक्षा निरीक्षण कर रहे थे।

निरीक्षण के दौरान अचानक ढहा मिट्टी का भारी मलबा

दोनों अधिकारी जब काम का जायजा ले रहे थे, तभी अचानक ऊपरी हिस्से से मिट्टी धंस गई। दोनों इंजीनियर संभल भी नहीं पाए और पल भर में भारी मलबे के नीचे दब गए। इस भयानक हादसे में प्रभात सिंह की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

वहीं सूचना मिलने पर पहुँचे बचाव दल ने दूसरे इंजीनियर पंकज झा को बेहद गंभीर अवस्था में कोटा मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाया। अस्पताल के आईसीयू वार्ड में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने के लिए वेंटिलेटर और अन्य जीवन रक्षक प्रणालियों का सहारा लिया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

इलाज के दौरान पंकज ने भी दम तोड़ दिया, जिससे अस्पताल परिसर में मौजूद उनके सहकर्मियों में शोक की लहर दौड़ गई। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। घटना के बाद से ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जाम की समस्या खत्म करने के लिए बन रहा था अंडरपास

स्थानीय प्रशासन के अनुसार दरा घाटी क्षेत्र में आए दिन लगने वाले भीषण ट्रैफिक जाम की समस्या को हमेशा के लिए ख़त्म करने के उद्देश्य से यह प्रोजेक्ट शुरू किया गया था। इस अंडरपास का निर्माण करीब दस करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से कराया जा रहा है।

यह मार्ग कोटा और झालावाड़ को जोड़ने वाला एक बेहद मुख्य और व्यस्त रास्ता माना जाता है। इस हादसे के बाद सुरक्षा कारणों से अंडरपास का निर्माण कार्य पूरी तरह से रोक दिया गया है। पुलिस और तकनीकी विशेषज्ञ पूरी घटना की गहनता से जांच कर रहे हैं।

विशेषज्ञों की टीम इस बात की जांच कर रही है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों की अनदेखी तो नहीं की गई थी। कंपनी प्रबंधन से भी इस लापरवाही को लेकर जवाब तलब किया जा रहा है। स्थानीय लोग इस घटना के बाद निर्माण स्थल पर पुख्ता सुरक्षा की मांग कर रहे हैं।

Author: Manish Rathore

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