Haryana News: हरियाणा के पानीपत में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एसीबी ने मंगलवार रात करीब 9 बजे किला थाना प्रभारी एसआई सुरेश कुमार को रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी को खुद उनके ही थाने से रंगेहाथ दबोचा गया है।
थाना प्रभारी सुरेश कुमार एक शिकायत को रफा-दफा करने के बदले 10 हजार रुपये की घूस मांग रहे थे। आरोपी पुलिस अधिकारी ने पीड़ित को डरा-धमकाकर यह सौदा तय किया था। लेकिन सतर्क पीड़ित ने इसकी सूचना तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो को दे दी, जिसके बाद जाल बिछाया गया।
झूठी शिकायत पर समझौता कराने के नाम पर मांगी रिश्वत
जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता की चांदनीबाग इलाके में दरी बनाने की एक फैक्ट्री है। वहां काम करने वाले एक कर्मचारी के साथ उनका पैसों का पुराना लेन-देन था। इसी रंजिश में कर्मचारी ने 12 मई को किला थाने में मालिक के खिलाफ मारपीट की एक झूठी शिकायत दर्ज करा दी थी।
पीड़ित को 13 मई को मामले की जांच के सिलसिले में थाने बुलाया गया था। वहां थाना प्रभारी एसआई सुरेश ने पीड़ित को हवालात में बंद करने की सीधी धमकी दी। पीड़ित ने अपनी बेगुनाही के सबूत भी दिए, लेकिन थाना प्रभारी ने उनकी एक बात भी नहीं सुनी।
थानेदार ने पीड़ित और उसके दोस्त के मामलों को खत्म करने के लिए 10 हजार रुपये की मांग की। परेशान होकर पीड़ित ने सीधे पानीपत एसीबी टीम से संपर्क किया। पीड़ित के वकील ने बताया कि आरोपी एसआई ने पुराना हिसाब चुकता करने के लिए दबाव बनाया था।
पुराना हिसाब क्लियर करने के लिए भी वसूले पैसे
आरोप है कि एसआई सुरेश दो महीने पुराने एक अन्य समझौते के नाम पर भी पीड़ित के जानकार को फोन कर रहा था। मंगलवार दोपहर जब शिकायतकर्ता थाने पहुंचा, तो एसआई ने कहा कि पहले पुराना बकाया क्लियर करो। इसके बाद उसने जबरन 3 हजार रुपये ले लिए।
थाना प्रभारी ने पीड़ित को सख्त अल्टीमेटम दिया था कि शाम तक बाकी के 10 हजार रुपये पहुंचा देना, वरना अंजाम भुगतने के लिए तैयार रहना। इस धमकी के बाद पीड़ित ने भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो के अधिकारियों के सामने पूरी आपबीती दर्ज कराई।
एसीबी की टीम ने केमिकल लगे नोटों से बिछाया जाल
शिकायत मिलते ही एसीबी एसपी ममता सिंह ने मामले पर त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने इंस्पेक्टर सतपाल, हेमराज, एसआई जगबीर और अन्य पुलिसकर्मियों को मिलाकर एक विशेष टीम तैयार की। टीम ने कार्रवाई करते हुए 500-500 के नोटों पर विशेष केमिकल रंग लगाकर शिकायतकर्ता को सौंपा।
योजना के मुताबिक रात ठीक 9 बजे शिकायतकर्ता पैसे देने के लिए किला थाने के अंदर पहुंचा। जैसे ही एसआई सुरेश ने रिश्वत की रकम अपने हाथ में ली, बाहर मुस्तैद एसीबी टीम ने उसे रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। इस बड़ी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।
Author: Sandeep Hooda

