शादी समारोह में सरेआम कत्लेआम! 4 मौतों वाले कुख्यात गैंगवार के सभी आरोपी बरी, गवाहों के पलटने से हारी पुलिस

Ghaziabad News: साहिबाबाद थाना क्षेत्र के एक मैरिज होम में हुए उत्तर प्रदेश के सबसे सनसनीखेज गैंगवार मामले में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। चार लोगों की दर्दनाक हत्या के इस हाई-प्रोफाइल केस में कोर्ट ने बचे हुए आखिरी दो आरोपियों को भी बरी कर दिया है। इस मामले में कुल 13 लोग नामजद थे, जिनमें से 11 लोग पहले ही दोषमुक्त हो चुके हैं।

सरकारी अभियोजन पक्ष की भारी कमजोरी और गवाहों के मुकर जाने के कारण अदालत में हत्या का संगीन आरोप साबित नहीं हो सका। जिस वक्त बैंक्वेट हॉल के भीतर कुख्यात बदमाश सुंदर भाटी और अमित कसाना गैंग के बीच अंधाधुंध गोलीबारी हुई थी, वहां करीब 500 मेहमान मौजूद थे। इस खूनी संघर्ष में दो दर्जन से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

वरिष्ठ अधिवक्ता परविंद्र नागर ने बताया कि दिल्ली के करावल नगर निवासी बलजीत की बेटी नीलम की शादी का समारोह चल रहा था। कुख्यात सुंदर भाटी बलजीत का साढू होने के नाते अपने पूरे दल-बल और हथियारबंद गुर्गों के साथ शादी में शामिल होने आया था। पूरा बैंक्वेट हॉल मेहमानों और खुशियों से भरा हुआ था।

जयमाले के वक्त गूंज उठी थीं गोलियां

रात करीब साढ़े नौ बजे जब स्टेज पर आशीर्वाद समारोह चल रहा था, तभी विरोधी गुट के अमित कसाना और अनिल गुर्जर ने अपने शूटरों के साथ मैरिज होम में धावा बोल दिया। उन्होंने सुंदर भाटी को निशाना बनाते हुए ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। इसके बाद दोनों तरफ से करीब चालीस राउंड से ज्यादा गोलियां चलीं।

इस भीषण गोलीबारी में सुंदर भाटी के बेहद करीबी शौकीन, नवीन, जबर सिंह उर्फ बबली और धनवीर भाटी की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ दुल्हन के चाचा और दिल्ली पुलिस के हेड कांस्टेबल रणजीत सिंह की तहरीर पर अमित कसाना और अनिल गुर्जर सहित 13 आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

वारदात के बाद सभी नामजद बदमाश सालों तक फरार रहे, जिसके चलते पुलिस ने अलग-अलग समय पर चार्जशीट दाखिल की। अभियोजन पक्ष की शुरुआती लापरवाही का सीधा फायदा आरोपियों को मिला। गवाहों के अदालत में बयान से पलटने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश मनीष निगम की अदालत ने कुलदीप सिंह भाटी और गोपाल पंडित को भी साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया।

मामा की हत्या का बदला लेने का था विवाद

गौतमबुद्धनगर के पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष नरेश भाटी की हत्या सुंदर भाटी ने की थी। नरेश भाटी रिश्ते में अमित कसाना के सगे मामा थे। इसी हत्या का बदला लेने के लिए अमित कसाना लगातार सुंदर भाटी की तलाश में था। इस खूनी रंजिश के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में इन दोनों गैंग का भारी खौफ था।

गैंगवार के बाद जब पुलिस ने मौके की तलाशी ली, तो वहां से सुंदर भाटी का एक ऑल इंडिया असलहा लाइसेंस बरामद हुआ था। जांच करने पर यह वीआईपी लाइसेंस पूरी तरह फर्जी पाया गया। इसके अलावा घटनास्थल से राइफल, 9 एमएम और 12 बोर के दर्जनों खोखे मिले थे, जिससे एके-47 जैसे घातक हथियारों के इस्तेमाल की आशंका भी जताई गई थी।

Author: Ajay Mishra

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