World News: अमेरिका और ईरान के बीच पिछले तीन महीनों से जारी भीषण सैन्य तनाव के बाद आखिरकार दुनिया ने राहत की सांस ली है। दोनों महाशक्तियों के बीच प्रस्तावित शांति समझौते के मसौदे पर व्यापक सहमति बन चुकी है। इससे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध का खतरा पूरी तरह टल गया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का सनसनीखेज दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक बेहद सनसनीखेज दावा किया है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच जारी दुश्मनी को हमेशा के लिए खत्म करने वाले इस ऐतिहासिक समझौते पर रविवार को ही हस्ताक्षर होने जा रहे हैं। इससे वैश्विक बाजार में भी उत्साह है।
दूसरी तरफ ईरान ने भी समझौते के मसौदे पर सहमति की बात स्वीकार की है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय का कहना है कि हस्ताक्षर की तारीख अभी पूरी तरह तय नहीं हुई है। प्रक्रिया को पूरी तरह संपन्न होने में अभी कुछ दिनों का समय और लग सकता है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने की तैयारी
राष्ट्रपति ट्रंप के अनुसार समझौता लागू होते ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को सभी अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए खोल दिया जाएगा। सोमवार से फ्रांस में शुरू हो रही जी7 शिखर बैठक में ट्रंप खुद शामिल होंगे। वहां वह समुद्री बारूदी सुरंगों को हटाने पर चर्चा करेंगे।
दिग्गज अमेरिकी अखबार ‘न्यूजपेपर्स’ के मुताबिक इस ऐतिहासिक शांति समझौते के तहत शुरुआती चरण में ईरानी बंदरगाहों से अमेरिकी नौसेना की नाकेबंदी खत्म की जाएगी। इसके साथ ही दोनों देशों के बीच 60 दिनों का एक अस्थायी युद्धविराम लागू होगा, जिसे आगे बढ़ाया जा सकेगा।
परमाणु यूरेनियम को नष्ट करेगा अमेरिका
डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस डील के तहत अमेरिका ईरान को कोई पैसा नहीं देगा। उन्होंने पूर्व ओबामा सरकार पर ईरान को अरबों डॉलर नकद देने का गंभीर आरोप लगाया। ट्रंप ने कहा कि हालात सामान्य होते ही ईरान का उच्च संवर्धित यूरेनियम पूरी तरह नष्ट किया जाएगा।
ट्रंप ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा कि अगर यह शांति प्रक्रिया विफल रही, तो अमेरिका के पास सैन्य हमले का आखिरी विकल्प हमेशा खुला है। हालांकि, वह इस खतरनाक विकल्प का दोबारा इस्तेमाल नहीं करना चाहते हैं और बातचीत से ही हल निकालना चाहते हैं।
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने जताई बड़ी उम्मीद
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने भी इस मामले पर सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्ष शांति समझौते की रूपरेखा पर सहमत हैं। इस समझौते के सफल होने के बाद अगले हफ्ते दोनों देशों के बीच तकनीकी स्तर की वार्ता होगी।
शरीफ ने कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी से फोन पर बात कर इस समझौते की तारीफ की। पाकिस्तान पीएमओ ने इस बातचीत को साझा किया है। शरीफ ने उम्मीद जताई कि यह डील पश्चिम एशिया में दीर्घकालिक स्थिरता का मजबूत आधार बनेगी।
ईरान ने खुद को बताया असली विजेता
पाकिस्तानी पीएम के बयान पर ईरानी प्रवक्ता बघाई ने कहा कि अमेरिका के पल-पल बदलते रुख को देखते हुए निश्चित समयसीमा बताना जल्दबाजी होगी। वहीं ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दावा किया कि अमेरिका के साथ चले इस लंबे संघर्ष में ईरान अंतिम विजेता बनकर उभरा है।
अराघची ने कहा कि समझौता दो चरणों में लागू होगा। पहले चरण में परमाणु मुद्दे को शामिल नहीं किया जाएगा, बल्कि केवल आर्थिक प्रतिबंधों और नाकेबंदी को हटाया जाएगा। दूसरे चरण में परमाणु कार्यक्रम पर बात होगी। नियमों का पालन न होने पर अंतिम हस्ताक्षर नहीं होंगे।
टोल टैक्स की जगह लगेगा सर्विस चार्ज
ईरानी विदेश मंत्री के मुताबिक होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले विदेशी जहाजों से कोई टोल टैक्स नहीं वसूला जाएगा। इसकी जगह केवल जरूरी सेवा शुल्क लिया जाएगा। इस बीच अमेरिकी सेना ने होर्मुज के ऊपर मंडरा रहे कई खतरनाक ईरानी हमलावर ड्रोनों को मार गिराया है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने इस हवाई कार्रवाई की पुष्टि की है। सेंटकॉम ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारे में बाधा डालने की हर कोशिश को नाकाम कर दिया गया है। फिलहाल इस सैन्य कार्रवाई पर ईरान की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
ओमान में टैंकर पर रॉकेट हमला
इसी तनाव के बीच यूके मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस ने दावा किया है कि ओमान के समुद्री क्षेत्र में एक तेल टैंकर पर रॉकेट से हमला हुआ है। हालांकि, इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हमला झेलने के बाद भी टैंकर सुरक्षित आगे बढ़ गया।
दूसरी ओर, दक्षिणी लेबनान में इजरायली हवाई हमले लगातार जारी हैं। शनिवार को हुए इन भीषण हमलों में एक नगर पालिका के मेयर सहित चार लोगों की मौत हो गई। जवाबी कार्रवाई में हिजबुल्लाह ने भी उत्तरी इजरायल के सैन्य ठिकानों पर कई रॉकेट दागे हैं।
Author: Pallavi Sharma


