World News: ब्रिटेन सरकार ने देश के करोड़ों बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा और कड़ा कानूनी कदम उठाया है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को देश में 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने का बड़ा एलान कर दिया है।
ब्रिटिश सरकार का दृढ़ विश्वास है कि सोशल मीडिया की भयंकर लत बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बहुत गंभीर नुकसान पहुंचा रही है। डिजिटल स्क्रीन की अंतहीन स्क्रॉलिंग के कारण किशोरों की नींद का पूरा चक्र और उनका पारिवारिक जीवन भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।
प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विशेष वीडियो संदेश जारी कर इस ऐतिहासिक फैसले की घोषणा की। उन्होंने बताया कि यह कड़ा निर्णय देश के हजारों चिंतित माता-पिता के साथ बहुत लंबी और गहन चर्चा करने के बाद ही लिया गया है।
तकनीक के अंतहीन चक्रव्यूह में फंस रहे हैं मासूम बच्चे
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने वीडियो में दुनिया भर के माता-पिता से एक खास भावुक अपील भी की। उन्होंने कहा कि आजकल बच्चों को एक ऐसी वर्चुअल दुनिया में कदम रखना पड़ रहा है जो तकनीक के प्रभाव से बहुत तेजी से बदल रही है।
हजारों माता-पिता का यह भी कहना है कि उनके मासूम बच्चे अब सोशल मीडिया के पूरी तरह आदी हो चुके हैं। यह भयंकर लत बच्चों को एक ऐसे अंतहीन चक्रव्यूह में फंसा देती है जिससे उनका बाहर निकलना बहुत मुश्किल हो जाता है।
इस लत के कारण बच्चों का मैदानों में खेलना, समय पर चैन से सोना और परिवार के साथ अच्छा समय बिताना सब कुछ छूट चुका है। सरकार ने माता-पिता के इसी मानसिक तनाव को कम करने और उन्हें पूरा समर्थन देने के लिए यह प्रतिबंध लगाया है।
ग्लोबल टेक कंपनियों से आर-पार की जंग को तैयार सरकार
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने साफ किया कि उनकी सरकार ने यह बड़ा फैसला किसी जल्दबाजी में नहीं लिया है। उन्होंने इसके लिए कई अन्य विकसित देशों के अनुभवों और वैज्ञानिक सबूतों को बहुत बारीकी से देखने के बाद ही अगला कदम आगे बढ़ाया है।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस फैसले का दुनिया की सबसे शक्तिशाली टेक कंपनियों द्वारा कोर्ट में कड़ा विरोध किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने दृढ़ता से कहा कि वे इन कंपनियों से मुकाबला करेंगे और हर हाल में बच्चों की खुशी के लिए जीतेंगे।
इन बड़े और विकसित देशों में भी लागू हैं कड़े नियम
दुनिया में बच्चों को सोशल मीडिया के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए ब्रिटेन अकेला देश नहीं है। हाल के दिनों में कई अन्य विकसित देशों ने भी अपने यहां नाबालिगों को सुरक्षित रखने के लिए बहुत ही सख्त कानून जमीन पर उतारे हैं।
ऑस्ट्रेलिया ने पिछले साल ही 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर पूर्ण प्रतिबंध लागू कर दिया है। इसके अलावा फ्रांस भी अपने यहां 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन करने की कानूनी प्रक्रिया को तेजी से बढ़ा रहा है।
जापान में भी एक सरकारी उच्चस्तरीय पैनल ने सोशल मीडिया ऑपरेटरों के लिए सख्त आयु सत्यापन और फीचर्स को सीमित करने की सिफारिश की है। स्पेन और डेनमार्क जैसे देश भी अपने यहां बच्चों के लिए कड़े रेगुलेशन पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
Reported By: Pallavi Sharma

