पर्दाफाश: अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने बताया ईरान समझौते का कड़वा सच, नहीं मिलेगा एक भी रुपया!

Washington News: अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक समझौते के बाद दुनिया ने राहत की सांस ली है। इसी बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने एक बड़ा बयान देकर हलचल मचा दी है। वेंस ने स्पष्ट किया कि समझौते पर डिजिटल हस्ताक्षर होने का यह मतलब बिल्कुल नहीं है कि ईरान को तुरंत आर्थिक राहत मिल जाएगी।

अमेरिकी टीवी चैनल एबीसी न्यूज के प्रसिद्ध कार्यक्रम ‘गुड मॉर्निंग अमेरिका’ में बातचीत के दौरान जेडी वेंस ने कई अहम दावे किए। उन्होंने कहा कि रविवार को दोनों देशों के बीच डिजिटल हस्ताक्षर जरूर हुए हैं। इसके बावजूद ईरान के लिए फिलहाल कोई भी धनराशि जारी नहीं की गई है और न ही तुरंत ऐसा होगा।

उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरी तरह से ‘परफॉर्मेंस-बेस्ड’ यानी प्रदर्शन आधारित समझौता है। इसका सीधा मतलब यह है कि ईरान को सबसे पहले समझौते के तहत अपनी सभी प्रतिबद्धताओं को पूरा करना होगा। इसके बाद ही अमेरिकी प्रशासन उसे किसी भी तरह की आर्थिक राहत देने पर विचार करेगा।

परमाणु कार्यक्रम पर ठोस कदम उठाने की शर्त

वेंस ने जोर देकर कहा कि अमेरिका ईरान को सीधे कोई आर्थिक मदद नहीं देने जा रहा है। यदि ईरान अपने संवर्धित यूरेनियम (एनरिच्ड यूरेनियम) के भंडार को कम करने की दिशा में ठोस और प्रामाणिक कदम उठाएगा, तभी प्रतिबंधों में ढील दी जाएगी। इसके लिए ईरान को पूरी पारदर्शिता दिखानी होगी।

समझौते के मुताबिक, ईरान को अंतरराष्ट्रीय परमाणु निरीक्षकों को अपने यहां व्यापक सत्यापन और जांच की पूरी अनुमति देनी होगी। वेंस ने कहा कि यह समझौता केवल परमाणु कार्यक्रम तक ही सीमित नहीं है। इसका मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में लंबे समय से जारी तनाव को खत्म कर स्थिरता बहाल करना है।

वैश्विक अर्थव्यवस्था में वापसी का आखिरी मौका

अमेरिकी उपराष्ट्रपति के अनुसार, यदि ईरान ईमानदारी से इस समझौते की सभी शर्तों का पालन करता है, तो उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से सम्मानजनक स्थान मिल सकता है। उन्होंने इसे ईरान के लिए एक बेहतरीन अवसर बताया। अगर वह सही दिशा में आगे बढ़ता है, तो अंतरराष्ट्रीय समुदाय उसका स्वागत करेगा।

इस बातचीत के दौरान जेडी वेंस ने यह भी माना कि समझौते को जमीनी स्तर पर लागू करने में कई बड़ी चुनौतियां आ सकती हैं। खासकर इजराइल के रुख को लेकर उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया की सुरक्षा परिस्थितियां हमेशा से बेहद जटिल रही हैं। वहां किसी भी शांति समझौते को लागू करना आसान नहीं होता।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कही थी यह बात

जेडी वेंस का यह अहम बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद आया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता पूरी तरह तैयार है। ट्रंप ने दावा किया था कि शुक्रवार को इस पर औपचारिक हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के समुद्री मार्ग सुरक्षित होंगे।

इस ऐतिहासिक समझौते के बाद वैश्विक बाजार और कूटनीतिक हलकों में कई तरह के कयास लगाए जा रहे थे। वेंस के इस ताजा और कड़े बयान ने अब यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि अमेरिका बिना किसी ठोस जमीनी सुधार के ईरान पर लगे कड़े प्रतिबंधों को हटाने के मूड में बिल्कुल नहीं है।

Author: Pallavi Sharma

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