Washington DC News: अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौता होने के बाद भी दोनों देशों में पूरी तरह स्थिरता नहीं आ पाई है। दोनों ही देश इस समझौते के नियमों और शर्तों पर अपनी-अपनी तरह से सफाई दे रहे हैं। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया है।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर विपक्ष पर निशाना साधा है। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि ईरान कभी भी परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका द्वारा ईरान को 300 मिलियन डॉलर दिए जाने की खबरों को ‘डेमोक्रेट्स’ की फैलाई ‘फेक न्यूज’ बताया है।
पश्चिम एशिया में युद्ध रोकने के लिए हुआ है समझौता
इस ऐतिहासिक शांति समझौते का मुख्य उद्देश्य पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष को हमेशा के लिए समाप्त करना है। इसके तहत लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य अभियानों को तत्काल और स्थायी रूप से रोकने का फैसला किया गया है। दोनों देशों के बीच हुए इस समझौते को इस क्षेत्र के लिए बेहद बड़ा कदम माना जा रहा है।
समझौते की शर्तों के मुताबिक, ईरान अगले 30 दिनों के भीतर दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग ‘होर्मुज स्ट्रेट’ से अपनी नाकाबंदी हटा लेगा। इससे जहाजों की आवाजाही फिर से सामान्य हो सकेगी। दूसरी तरफ अमेरिकी नौसेना भी अगले 30 दिनों में ईरान के समुद्री तटों से अपनी नाकेबंदी को पूरी तरह से हटा लेगी।
ईरान को मिलेंगे 24 अरब डॉलर के फ्रोजन फंड
इस डील के तहत ईरान के तेल और पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर लगे कड़े प्रतिबंधों को तुरंत सस्पेंड कर दिया जाएगा। इससे ईरान को अपनी वित्तीय आय के स्रोतों तक दोबारा पूरी पहुंच मिल सकेगी। इसके साथ ही अमेरिका ईरान के जमे हुए 24 अरब डॉलर (अरब) के फ्रोजन फंड को भी जल्द जारी करने के लिए तैयार हुआ है।
इसके अलावा, प्राथमिक और माध्यमिक अमेरिकी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने के लिए 60 दिनों की अतिरिक्त बातचीत की जाएगी। इस दौरान परमाणु मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। इस पूरी प्रक्रिया के बीच ईरान ने दुनिया के सामने परमाणु हथियार न बनाने के अपने पुराने वादे को एक बार फिर से दोहराया है।
Author: Pallavi Sharma


