Global News: भारत के पड़ोसी देशों बांग्लादेश और पाकिस्तान के बीच बढ़ती राजनयिक नजदीकियों के बीच एक बेहद खौफनाक सच सामने आया है। इस सनसनीखेज खुलासे ने पूरे दक्षिण एशिया को झकझोर कर रख दिया है। दोनों देशों के बीच सक्रिय एक गैंग निर्दोष लोगों को अपनी हवस का शिकार बना रहा है।
चार बड़े मानव तस्करी नेटवर्क सक्रिय
अंतरराष्ट्रीय खुफिया सूत्रों और सुरक्षा विश्लेषकों ने दावा किया है कि पाकिस्तान समर्थित संगठित नेटवर्क इस घिनौने खेल को अंजाम दे रहा है। यह गैंग बांग्लादेश के गरीब और लाचार लोगों को निशाना बनाकर मानव अंगों की अवैध तस्करी कर रहा है। यह नेटवर्क मानवता के लिए बड़ा खतरा बन चुका है।
बांग्लादेशी समाचार पत्र ‘ब्लिट्ज’ के संपादक सालाह उद्दीन शोएब चौधरी ने खुफिया सूत्रों के हवाले से एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े कम से कम चार बड़े मानव तस्करी नेटवर्क इस समय सीमा पार से सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।
रोजगार का झांसा और धोखे से किडनी चोरी
यह शातिर नेटवर्क गरीब बांग्लादेशी नागरिकों को हर महीने करीब 750 अमेरिकी डॉलर (लगभग 62 हजार रुपये) वेतन वाली अच्छी नौकरियों का लालच देता है। जब ये मासूम लोग बेहतर भविष्य और रोजगार की उम्मीद में लाहौर पहुंचते हैं, तो उनके साथ बहुत बड़ा धोखा किया जाता है।
पीड़ितों को ‘रूटीन मेडिकल चेकअप’ के नाम पर कुछ चुनिंदा निजी क्लीनिकों में ले जाया जाता है। वहां उन्हें डॉक्टर इंजेक्शन देकर बेहोश कर देते हैं और धोखे से उनकी एक किडनी निकाल लेते हैं। होश में आने पर जब पीड़ितों को सच पता चलता है, तो उन्हें बंधक बना लिया जाता है।
इसके बाद बांग्लादेश वापस भेजने से पहले उनसे जबरन कुछ कागजातों पर दस्तखत कराए जाते हैं। इन दस्तावेजों में लिखा होता है कि उन्होंने अपनी मर्जी से किसी रिश्तेदार को किडनी दान की है। हाल ही में लाहौर पुलिस ने ‘जाकिर ट्रेडर्स’ नाम की एक फर्जी कंपनी का भंडाफोड़ किया है।
एचआईवी फैलाने की खौफनाक साजिश
इस रिपोर्ट में एक और बेहद परेशान करने वाला और संवेदनशील तथ्य सामने आया है। खुफिया इनपुट्स के अनुसार, पाकिस्तानी आपराधिक नेटवर्क आईएसआई के साथ मिलकर एक बेहद खतरनाक और भयावह साजिश रच रहा है। इसके तहत बांग्लादेशी युवाओं को जानबूझकर गंभीर बीमारी का शिकार बनाया जा रहा है।
पर्यटन या रोजगार के सिलसिले में पाकिस्तान आने वाले युवा बांग्लादेशी नागरिकों को मेडिकल टेस्ट के बहाने धोखे से एचआईवी वायरस से संक्रमित किया जा रहा है। इस घिनौनी साजिश के पीछे का मकसद बेहद खतरनाक है ताकि बांग्लादेश के ग्रामीण इलाकों में इस जानलेवा बीमारी को चुपचाप फैलाया जा सके।
हालांकि, इस दावे की अभी पूरी तरह से स्वतंत्र जांच और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पुष्टि होना बाकी है। इसके बावजूद इस खतरनाक खबर ने मानवीय संवेदनाओं और सुरक्षा तंत्र को पूरी तरह हिलाकर रख दिया है। दक्षिण एशिया के सुरक्षा विशेषज्ञ इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार अपनी पैनी नजर बनाए हुए हैं।
Author: Pallavi Sharma


