Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में गत 17 मई को वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में चल रहा गतिरोध आखिरकार समाप्त हो गया है। वकीलों ने अपने सामूहिक अवकाश को आगामी 8 जून तक के लिए स्थगित करने का एक बड़ा फैसला लिया है। इस निर्णय के बाद बुधवार से सभी अधिवक्ता वापस अपने काम पर लौट आएंगे।
यह महत्वपूर्ण निर्णय मंगलवार को सिविल कोर्ट परिसर स्थित सेंट्रल बार एसोसिएशन के हॉल में आयोजित एक आमसभा में लिया गया। इस आपात बैठक की अध्यक्षता बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अखिलेश जायसवाल और महामंत्री अवनीश दीक्षित ने संयुक्त रूप से की। इस फैसले से अदालत आने वाले वादकारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल के पत्र के बाद बनी सहमति
बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बैठक में बताया कि इलाहाबाद हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने प्रमुख सचिव (विधि एवं न्याय) को एक महत्वपूर्ण पत्र भेजा है। इस पत्र में सिविल कोर्ट परिसर में वकीलों के बैठने के लिए उचित स्थान और वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को जल्द से जल्द दुरुस्त करने का भरोसा दिया गया है।
पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रशासनिक स्तर पर मिले इस सकारात्मक आश्वासन के बाद ही हड़ताल को फिलहाल स्थगित किया जा रहा है। आगामी 8 जून को इस पूरे मामले में हाईकोर्ट का अंतिम निर्णय आने वाला है। कोर्ट का आदेश आने के बाद बार एसोसिएशन दोबारा बैठक कर स्थिति की समीक्षा करेगा।
लाठी वितरण मामले में वकील उत्तम त्रिपाठी पर गिरी गाज
इस पूरे विवाद के बीच हाई कोर्ट में वकीलों का पक्ष मजबूती से रखने के लिए दो वरिष्ठ वकीलों को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। बार एसोसिएशन ने इस कानूनी पैरवी के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश शर्मा और ज्योतिरेश पांडेय को आधिकारिक रूप से नामित किया है, जो अदालत में वकीलों का पक्ष रखेंगे।
इसके अतिरिक्त, पिछली आमसभा के दौरान कोर्ट परिसर में वकीलों को कथित तौर पर लाठियां बांटने के मामले में बार ने सख्त रुख अपनाया है। इस विवादित कृत्य के लिए अधिवक्ता उत्तम त्रिपाठी को एसोसिएशन की तरफ से एक ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया गया है, जिससे कोर्ट परिसर में अनुशासन कायम रखा जा सके।
Author: Ajay Mishra

