आंगनबाड़ी भर्ती में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा, 100 से अधिक महिलाओं ने लगाए जाली दस्तावेज, आवेदन निरस्त

Uttar Pradesh News: आंगनबाड़ी सहायिका भर्ती में फर्जीवाड़े का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। चार हजार रुपये मानदेय वाली नौकरी के लिए महिलाओं ने बीपीएल के फर्जी आय प्रमाणपत्र अपलोड कर दिए। हालांकि, प्रशासनिक सत्यापन के दौरान इस बड़े फर्जीवाड़े का समय रहते खुलासा हो गया है।

प्रशासनिक सत्यापन में पकड़ी गई आवेदकों की बड़ी धोखाधड़ी

अधिकारियों ने कड़े कदम उठाते हुए सभी संदिग्ध आवेदनों को तुरंत निरस्त कर दिया है। इसके साथ ही इन जालसाज महिलाओं को चयन प्रक्रिया से पूरी तरह बाहर कर दिया गया है। अब तक की जांच में 100 से अधिक आय प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए हैं।

सभी ब्लॉकों का सत्यापन पूरा होने के बाद ही अंतिम सूची जारी की जाएगी। जिला प्रशासन इस पूरे फर्जीवाड़े की विस्तृत रिपोर्ट राज्य शासन को भेजने की तैयारी कर रहा है। इससे दूसरे जिलों में चल रही भर्ती प्रक्रियाओं में भी इस तरह की धोखाधड़ी को रोका जा सकेगा।

705 पदों के लिए आए थे पांच हजार से अधिक आवेदन

बाल विकास परियोजना के तहत 16 ब्लॉकों में 705 रिक्त पदों पर आवेदन मांगे गए थे। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया नवंबर से दिसंबर 2025 के बीच आयोजित की गई थी। इन पदों के लिए जिले भर से पांच हजार से अधिक महिलाओं ने आवेदन किया था।

भर्ती के नियमों के अनुसार बीपीएल श्रेणी की विधवा और तलाकशुदा महिलाओं को पहली वरीयता मिलनी थी। इसके बाद गरीबी रेखा से ऊपर यानी एपीएल श्रेणी की महिलाओं का नंबर आता। इस व्यवस्था का अनुचित लाभ उठाने के लिए कई महिलाओं ने जाली दस्तावेज तैयार करवा लिए।

जांच के कई चरणों में सामने आईं गंभीर कमियां

सत्यापन प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों को कई अन्य गंभीर कमियां भी मिली हैं। कई आवेदकों ने फॉर्म में नंबर तो भर दिए, लेकिन अपनी मार्कशीट अपलोड नहीं की थी। कुछ ने स्नातक की जगह अन्य तकनीकी डिप्लोमा के दस्तावेज लगा दिए थे।

इसके अलावा कई महिलाओं ने तीन साल से अधिक पुराने और अवैध आय प्रमाणपत्र अपलोड किए। ई-डिस्ट्रिक्ट पोर्टल पर ये दस्तावेज पूरी तरह अमान्य पाए गए। कुछ आवेदकों ने निवास प्रमाणपत्र के स्थान पर महज उसे बनवाने की रसीद लगा दी थी।

दोषी कर्मचारियों और आवेदकों पर होगी सख्त कार्रवाई

एसडीएम ने इन सभी फर्जी प्रमाणपत्रों को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया है। प्रशासन संबंधित लेखपालों पर भी कड़ी कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी को रिपोर्ट सौंप रहा है। सीडीओ देवयानी ने बताया कि आधे से अधिक ब्लॉकों का सत्यापन पूरा हो चुका है।

जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने इस मामले पर सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने बताया कि गलत दस्तावेज लगाने वालों को बाहर कर दिया गया है। दोषी लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई के निर्देश जारी किए गए हैं। शासन को भी इसकी पूरी जानकारी दी गई है।

Author: Ajay Mishra

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