Mandi News: हिमाचल प्रदेश के सुंदरनगर नगर परिषद चुनाव में रविवार को मतदान प्रक्रिया के बीच भारी प्रशासनिक लापरवाही सामने आई है। पोलिंग बूथों और वार्डों में अचानक किए गए बदलावों से सैकड़ों मतदाता पूरी तरह भ्रमित हो गए। इससे गुस्साए लोगों ने मतदान केंद्रों पर जमकर हंगामा किया।
स्थानीय भाजपा विधायक राकेश जम्वाल ने अपनी पत्नी के साथ रसमाई बूथ पर पहुंचकर सबसे पहले मतदान किया। इसके बाद उन्होंने राज्य की कांग्रेस सरकार और स्थानीय प्रशासन पर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने के बेहद गंभीर और सीधे आरोप लगाए। जिससे राजनीतिक सरगर्मी काफी बढ़ गई है।
पुंघ वार्ड में 40 मिनट देरी से शुरू हो पाई वोटिंग
विधायक राकेश जम्वाल ने कहा कि मतदान केंद्रों में अचानक बदलाव करने से आम जनता को भारी मानसिक परेशानी झेलनी पड़ी। खासकर पुंघ वार्ड में बूथ बदल दिए जाने से लोग सुबह से भटकते नजर आए। भारी भ्रम के कारण इस वार्ड में मतदान 40 मिनट देरी से शुरू हो पाया।
पुराना बाजार क्षेत्र में तो प्रशासनिक अव्यवस्था की स्थिति और भी ज्यादा गंभीर देखने को मिली। यहां वार्ड नंबर-11 के मूल मतदाताओं को अचानक वार्ड नंबर-7 में जाकर वोट डालने के लिए मजबूर होना पड़ा। इस अप्रत्याशित बदलाव से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी नाराजगी देखी गई।
डीसी और एसडीएम को शिकायत के बाद भी नहीं हुआ कोई असर
विधायक राकेश जम्वाल ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस गंभीर गड़बड़ी की तुरंत शिकायत डिप्टी कमिश्नर मंडी और एसडीएम सुंदरनगर से की थी। लेकिन इसके बावजूद लापरवाह प्रशासन ने धरातल पर कोई ठोस कदम नहीं उठाया। जो कि अत्यंत निराशाजनक और निंदनीय है।
उन्होंने कड़े शब्दों में कहा कि लोकतंत्र के इस सबसे बड़े महापर्व में मतदाताओं को ऐसी असुविधा देना दुर्भाग्यपूर्ण है। स्थानीय प्रशासन की यह ढीली कार्यप्रणाली उनकी पूरी चुनावी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है। इस लापरवाही की वजह से कई लोग अपने मताधिकार से वंचित रह गए।
Author: Harikarishan Sharma

