अदालती आदेश की अवहेलना पर हिमाचल हाई कोर्ट सख्त, नौणी यूनिवर्सिटी के वीसी और रजिस्ट्रार के खिलाफ वारंट जारी

Himachal Pradesh News: हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने अदालती आदेशों की अनदेखी करने पर बेहद कड़ा रुख अपनाया है। माननीय न्यायालय ने डॉक्टर यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के वाइस चांसलर और रजिस्ट्रार को अदालत में पेश करने के लिए जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।

न्यायाधीश जिया लाल भारद्वाज ने प्रार्थी नेक राम की अनुपालना याचिका पर सुनवाई के दौरान यह कड़ा फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिछली सुनवाई में इन अधिकारियों को अनुपालना दस्तावेज पेश करने को कहा था। ऐसा न होने पर उन्हें व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने के सख्त निर्देश दिए थे।

हाई कोर्ट के कड़े रुख से मचा हड़कंप

न्यायालय ने अपने आदेश में स्पष्ट तौर पर पाया कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने न तो मुख्य फैसले का सम्मान किया और न ही वीसी तथा रजिस्ट्रार तय तारीख पर कोर्ट में हाजिर हुए। प्रशासनिक स्तर पर बरती गई इस गंभीर लापरवाही के बाद ही अदालत ने दोनों अधिकारियों के खिलाफ वारंट जारी किए हैं।

यह पूरा कानूनी मामला याचिकाकर्ता नेक राम के वर्कचार्ज कार्यकाल से जुड़ा हुआ है। प्रार्थी ने साल 2025 में हाई कोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इस याचिका के जरिए उन्होंने अपने पुराने वर्कचार्ज सेवाकाल को पेंशन निर्धारण के उद्देश्य से जोड़ने की मांग कोर्ट के समक्ष उठाई थी।

जानिए क्या थी प्रार्थी की मुख्य मांग

हाई कोर्ट ने 13 नवंबर को विश्वविद्यालय को इस संबंध में अहम दिशा-निर्देश दिए थे। अदालत ने राज्य सरकार बनाम मातवर सिंह मामले में आए कानूनी फैसले का हवाला दिया था। प्रशासन को निर्देश थे कि वह इस नजीर के आधार पर चार हफ्तों में प्रार्थी के मामले पर विचार करे।

अदालती फैसले पर लंबे समय तक अमल नहीं होने के कारण पीड़ित कर्मचारी को दोबारा अदालत का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इसके बाद प्रार्थी नेक राम ने हाई कोर्ट में अनुपालना याचिका दायर की। प्रशासन की सुस्ती के कारण ही आज अधिकारियों को इस बड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ा है।

अदालत ने दिए थे पांच मौके

न्यायालय ने इस संवेदनशील मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन को फैसले पर अमल करने के लिए एक के बाद एक कुल पांच अवसर प्रदान किए थे। इसके बावजूद अधिकारियों के स्तर पर अनुपालना सुनिश्चित नहीं की गई। इसे कोर्ट की अवमानना मानते हुए अब सख्त कदम उठाया गया है।

हाई कोर्ट ने दोनों शीर्ष अधिकारियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी करते हुए उन्हें 22 मई को हर हाल में अदालत के समक्ष व्यक्तिगत रूप से पेश होने के सख्त निर्देश दिए हैं। इस आदेश के बाद अब विश्वविद्यालय के प्रशासनिक हलकों में पूरी तरह हड़कंप मच गया है।

Author: Sunita Gupta

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